1 हे यहोवा, मेरा न्याय कर,
क्योंकि मैं खराई से चलता रहा हूँ,
और मेरा भरोसा यहोवा पर अटल है।
2 हे यहोवा, मुझे जाँच और परख;
मेरे मन और हृदय को खोज।
3 तेरी करुणा तो मेरी आँखों के सामने है,
और मैं तेरे सत्य पर चलता हूँ।
4 मैं झूठे मनुष्यों के साथ नहीं बैठता,
न पाखंडियों के साथ कहीं जाता हूँ;
5 मैं कुकर्मियों की मंडली से
घृणा करता हूँ,
और दुष्टों के साथ नहीं बैठता।
6 मैं अपने हाथ निर्दोषता से धोऊँगा,
तब हे यहोवा,
मैं तेरी वेदी की परिक्रमा करूँगा,
7 कि ऊँचे स्वर से तेरा धन्यवाद करूँ,
और तेरे सब आश्चर्यकर्मों का वर्णन करूँ।
8 हे यहोवा, मैं तेरे निवासस्थान से,
जहाँ तेरी महिमा का वास है,
प्रीति रखता हूँ।
9 मेरे प्राण को पापियों के साथ,
और मेरे जीवन को हत्यारों के साथ नष्ट न कर।
10 उनके हाथ दुष्टता से,
और उनके दाहिने हाथ घूस से भरे रहते हैं।
11 परंतु मैं तो खराई से ही चलता रहूँगा।
मुझे छुड़ा ले,
और मुझ पर अनुग्रह कर।
12 मेरे पैर समतल भूमि पर हैं;
मैं सभाओं में यहोवा को धन्य कहूँगा।