Marido e mulher
O casamento é aliança sagrada entre marido e mulher, instituída por Deus desde o Éden. A Bíblia define papéis complementares fundados em amor, respeito e fidelidade mútua.
Instituição divina
Deus criou homem e mulher e os uniu em uma só carne. O casamento é projeto divino que reflete o amor de Cristo pela Igreja.
तब परमेश्वर ने अपना स्वरुप मे इन्सान खे रच्यो, अपना ही स्वरुप मे परमेश्वर ने इन्सान की रचना करी; इन्सान अरु बइ का रुप मे ओने इन्साहोन खे बनाया.
फिर परमेश्वर ने बोल्यो, "इन्सान को अकेलो र्हेनो अच्छा नी; मी ओका लिये एक असो सातिदार बनायु जो ओका लिये उपयुक्त हुये."
यो कारण अदमी अपना माय-बाप खे छोडी खे अपनी लुगय से मिली खे र्हिये अरु वे एक ही तन बन्या र्हिये.
ओने उन खे उत्तर दियो, "तुम ने शास्त्र मे नी पढ्यो, जेने उनखे बनायो ओने पैयलेसे से अदमी अरु लुगेन बनय, येका करण इन्सान अपना माय बाप से अलग हुइ खे अपनी लुगेन का सात ऱ्हेस अरु वे दो झना एक तन हुये? अत: वे अब दो नी पन एक तन हइ येका लिये जेने परमेश्वर ने जोड्यो हइ, ओखे इन्सानहोन अलग नी करस."
Papéis no casamento
O marido ama e a mulher respeita. Ambos se submetem voluntariamente a Deus e um ao outro, em parceria e unidade.
हे लोगहोन, अपनी अपनी लुगय से प्रेम रख जसो मसीह ने भी मंडली से प्रेम कर अपना आप खे ओका लिये दि दियो. कि वोको वचन का वजेसे पानी से अच्छो करीखे पवित्र बनह्ये, अरु वोखे एक असी तेजस्वी मंडली बनयखे अपना पास खडो कर्हे, जमे नीष्कलंक, नी झुरी नी कोय अरु असो चिज हय क्युकी पवित्र अरु नीर्दोस हय. यो रंग अच्छो हइ कि लोग अपनी अपनी लुगय से अपनी आंग का जसो प्रेम रख. जो अपनी लुगय से प्रेम रखस हइ, व्हा अपनो आप से पिरेम रखस हइ. क्युकि कोय ने कभी आंग से फरक नी रख्यो क्युकि ओको पाल्यो पोषण करस हइ, जसो मसीह भी मंडली को करस हइ.
हे लुगेनहोन,अपना अपना अदमी को असो अधीन रेस जसो प्रभु को. क्युकी अदमी लुगेन को माथो हइ जसो की मसीह मंडली को माथो हइ अरु स्वयं ही आंग को उद्धारकर्ता हइ. पर जसो मंडली मसीह को अधीन हइ वोसो ही लुगेन भी हर बात मे अपना अपना अदमी, सात मे रेस.
पर तुम मे से हर एक अपनी लुगय से अपना सामने प्रेम रख, अरु लुगय भी अपनो लोग को डर माननु.स
नवो जिवन को परिवारि को नीयम
हे लुगयहोन,जसो प्रभु मे अच्छी हइ, वसो य अपना अपना अदमी का अधीन र्हेव.
हे इन्सानहोन, अपनी अपनी लुगय से प्रेम रख, अरु उनसे कठुर मत कर.
अदमी अरु लुगेन
या रित से हे लुगइहोन अपना तुम खे अपना अदमी का अधीन ऱ्हे, अगर कोय परमेश्वर को वचन पर विश्वास नी कर्हे ते व्हा तुम्हारो व्यवाहार से विश्वास करण का लिये जीत्यो जाह्ये येका लिये तुमखे ओकासे कोय बात करण की भी जरुरत नी हइ, क्युकी वे देख्ये की तुम्हारो स्वभाव कसो अच्छो अरु भक्तिपुरो हइ.
वसो य हे इन्सानहोन तुम भी समझदारी से लुगइ का साथ जिवन बिताव, अरु बय खे कमजोर समजी खे वोको सम्मान कर, यो समजीखे कि हम दो जिवन को वरदान मे उनखे अपनो सय उत्तराधिकारी मान्यो जबकी तुमारी प्रार्थनाहोन मे बाध्यो नी पड्यो.
Fidelidade e união
O casamento é honroso e deve ser preservado com fidelidade. O cordão de três dobras não se rompe facilmente.
एक से दो अच्छा हइ, क्युकी उनका मेहनत को अच्छो फल मिलस हइ. क्युकी अगर उनका से एक गिरे, ते दुसरो ओखे उठाये; पन हाय ओका पर जो ऐखेलो हुइखे गिरे अरु ओखे कोय उठानआलो नी हुये. फिर अगर दो जन एक सात सोये ते वे गरम ऱ्हीहे, पन कोय ऐखेलो कसो गरम हुइ सकस हइ? अगर कोय ऐखला पर भारी हुये ते हुये, पन दो ओको सामनो करी सकस. जो रस्सी तीन तागा से बधी हुये वा झलदी नी टुटे.
Permanecer juntos
O que Deus uniu, o homem não separe. A Bíblia protege o casamento e orienta sobre convivência, perdão e perseverança conjugal.
भ्याव को सिद्धान्त
उन बातहोन का बारे मे जो तुम ने लिखी, यो अच्छो हइ, कि इन्सान बय खे नी छीनु. पर व्यभिचार खे डर से हर एक अदमी की लुगइ, अरु हर एक बय को अदमी होनु. अदमी अपनी लुगइ को हक पूरो करनु; अरु ओसो ही लुगइ भी अपना अदमी को. लुगइ, अपना आंग पर अधिकार नी पर ओका अदमी को अधिकार हइ. ओसो ही अदमी खे भी अपना आंग पर अधिकार नी, पर लुगइ खे हइ. तुम एक दूसरा से अलग नी र्हेनु; पर फक्त कुछ टेम तक आपस की सम्मति से करी प्रार्थना का लिये अराम मील्ये का अरु फिर एक साथ र्हेनु. असो नी हो कि तुमारो असयम करण सैतान तुम खे समझ्ये.
जिनको भ्याव हुइ गयो हइ, उनका मी नी, क्युकी प्रभु आज्ञा देस हइ, कि लुगइ अपना अदमी से अलग नी होनु. अरु अगर अलग भी हुइ जायेका ते बिना दूसरो भ्याव कर्या र्हेनु. या अपना अदमी से फिर मेल करी ले अरु नी अदमी अपनी लुगइ खे छोडनु.
पर जो इन्सान अविश्वासी नी रखे, अगर उ अलग हुये खे ते अलग होन देनु, असी पाप मे कोय भैइ या बय बन्धन मे नी. पर परमेश्वर ने तो हम खे मेल-मीलाप, लिये बुलायो हइ. क्युकि हे बय, तू का जानस हइ, कि तू अपना अदमी को उध्दारकर्ये लिये? अरु हे इन्सान, तू का जानस हइ कि तू अपनी लुगइ को उध्दारकर्ये लिये?
क्युकी उदाहरन का लिये एक सादीसुदा बय अपना अदमी का सात व्यवस्था का जसो तब तक बंधी हइ जब तक उ जिन्दो हइ पन अगर अदमी मरी जास हइ ते वा सादी सबधी व्यवस्था से मेत हुइ जास हइ.