1 डिमाकवाला का तुल्य कोन हइ? अरु कोय बात को अर्थ कोन लगय सकस हइ? इन्सान का डिमाक का कारन ओको मुडो चमकस, अरु ओका मुडा कि परेसानी दुर हुइ जास हइ.
2 मी तोखे सलाह दियुस हइ कि परमेश्वर का सामने ली गइ कसम का कारन राजा कि आज्ञा को पालन कर. 3 राजा का सामने से जान कि जल्दबाजी मत करे अरु कोय बुरा टेम मे खडो मत ऱ्हे किक्यु उ जो चास उही कर. 4 क्युकी राजा का वचन मे तो सामर्थ्य ऱ्हेस हइ, अरु कोन ओका से बोली सकस हइ कि तू यो का करस हइ? 5 अगर राजा कि आज्ञा को पालन करस हइ ते उ सुरक्षित ऱ्हिहे पन एक डिमाकआलो इन्सान असो करन को सही टेम जानस हइ अरु यो भी जानस हइ कि या बात कब करनो चास. 6 क्युकी हर एक बात को टेम अरु काम कि विधि होस हइ, यद्यपि इन्सान को दु:ख ओका लिये भोत भारी होस हइ. 7 उ नी जानस कि का होनवालो हइ, अरु कब हुये? यो ओखे कोन बतय सकस हइ? 8 असो कोय इन्सान नी जेको वश जान पर चल कि उ ओखे निकलता टेम रोकी लिये, अरु नी कोय मरन का दिन पर अधिकारी होस हइ; अरु नी ओखे झगडा से छुट्टी मिली सकस हइ, अरु नी बेकार दुनिया अपनी बेकारी का कारन बची सकस हइ. 9 जेतना काम धरती पर कऱ्यो जास हइ वे सब खे ध्यानपूर्वक देखना मे यो सब कुछ मे ने देख्यो, अरु यो भी देख्यो कि एक इन्सान दुसरा इन्सान पर अधिकारी हुइखे अपना उपर हानि लास हइ.
10 तब मे ने दुर्जनहोन खे कब्र मे गाड्यो जाते देख्यो; वे पवित्र जगा मे आता जाता था. नगर मे जहा उन्हे अलग प्रकार का बुरा काम कऱ्या था, उनकी बडाइ करी जाती थी. यो भी बेकार हइ. 11 बुरा काम को दण्ड कि आज्ञा फुर्ती से नी दी जास; यो कारन इन्सानहोन को मन बुरो काम करन कि इच्छा से भऱ्यो ऱ्हेस हइ. 12 चाहे पापी सौ बार पाप करे अरु अपनो दिन भी बडाये, तेभी मेखे निश्चय हइ कि जो परमेश्वर से डरस हइ अरु ओखे अपना सामने जानिखे डर से चलस हइ, उनको भलो ही हुये; 13 पन बेकार को भलो नी होन को, अरु नी ओकी जीवनरुपी छाय लम्बी होनु पास, क्युकी उ परमेश्वर को डर नी मानतो.
14 एक बेकार बात धरती पर होस हइ, यानिकी असा सच्चो हइ जेकी वा दशा होस हइ जो बेकारहोन कि होनी चास, अरु असा बेकार हइ जेकी वा दशा होस हइ जो सच्ची कि होनी चास. मे ने बोल्यो कि यो भी बेकार ही हइ. 15 तब मे ने खुशी खे सराहा, क्युकी धरती पर का इन्सान का लिये खानो-पिनो अरु खुशी करन खे छोड अरु कुछ भी अच्छो नी, क्युकी योही ओको जीवन भर जो परमेश्वर ओका लिये धरती पर ठैराये, ओका मेहनत मे ओका सात बनी ऱ्हीहे.
16 जब मे ने डिमाक प्राप्त करनो अरु सब काम देखन का लिये जो धरती पर कऱ्यो जास हइ अपनो मन लगाये, कि कसा इन्सान रात-दिन जागता ऱ्हेस हइ; 17 तब मे ने परमेश्वर को सब काम देख्यो जो धरती पर कऱ्यो जास हइ, ओकी थाह इन्सान नी पय सकस. चाहे इन्सान ओखे ढुढना मे कतनी भी मेहनत करे, तेभी ओखे नी जानी पाये; अरु यद्यपि डिमाकआलो बोले भी कि मी ओखे समझायु, तेभी उ ओखे नी पय सखे.