Meditação
A meditação na Palavra de Deus é prática espiritual essencial. Diferente da meditação oriental, a meditação bíblica é reflexão profunda sobre as Escrituras — ruminar a Palavra dia e noite.
Meditar na Palavra dia e noite
Bem-aventurado o homem que medita na lei do Senhor de dia e de noite. Ele é como árvore plantada junto a ribeiros de águas.
परमेशर दैआ तिन्नां मणछा लै बर्गत
ज़ुंण कदुष्ट मणछे सलाह निं मंदअ,
नां पापी मणछा ज़िहअ काम करदअ
अर नां तिन्नें टोली दी साझ़ू हंदअ
ज़ुंण परमेशरो मखौल करा।
इना सोभी गल्ला छ़ाडी रहा तिंयां
बिधातो बधान मनणा लै मगन
अर तिन्नां हआ धैल़-राच तेते ई बारै धैन अर सोठ पल़ी दी।
बधाने अह कताब निं लोल़ी तम्हैं कधि बिस्सरी, एता करै धैल़-राच उझ़दी-बेशदी पहल़ी अर ज़ुंण एथ लिखअ द आसा, तेऊ साबै लोल़ी तम्हैं ज़िन्दगी ज़िऊई। तै हणैं तम्हैं ऐहा ज़ैगा सोभी गल्ला दी सफल।
बधाना लै झ़ूरनअ
हुंह झ़ूरा तेरै बधाना लै खास्सअ!
हुंह रहा सारी धैल़ी तेते ई बारै सोठदअ लागी।
हर बगत रहा मेरै दिलै तेरै हुकम अर
तेता करै हआ हुंह आपणैं दुशमणा का खास्सअ अक्ली आल़अ।
मुंह आसा आपणैं सोभी गूरू का बी खास्सी समझ़,
किल्हैकि हुंह डाहा तेरी गल्ला दी आपणअ धैन-मन्न लाई।
मुंह आसा प्रोढै मणछा का बी खास्सी अक्ल,
किल्हैकि हुंह मना तेरै हुकम।
मुंह दैणअ तेरै बधाना दी धैन अर
तेरी शिक्षा दी रहणअ मुंह बच़ार करदै लागी।
मुंह हणअ तेरै बधाना दी सुखी,
मुंह डाहणीं तेरी सोभै गल्ला आद।
मेरी हआ सह ई खुशी कि हुंह तेरै हुकम मनूं,
किल्हैकि हुंह झ़ूरा तेता ई लै खास्सअ।
मेरै दिलै आसा तेरै हुकमा लै अदर अर हुंह झ़ूरा बी तेता लै,
मुंह रहणअ कबल्लै तेते ई बारै सोठदै लागी।
दोत्ती मांगा हुंह दोत्थी ताखा अरज़ करी मज़त,
हुंह रहा तेते आसरै ज़ुंण तंऐं ज़बान आसा दैनी दी।
हुंह रहा सारी राची बिहुदअ,
संघा रहा हुंह तेरी गल्ले बच़ार करदअ लागी।
Frutos da meditação
A meditação produz entendimento, alegria e adoração. Quem medita na Palavra encontra direção, paz e renovação espiritual.
हे बिधाता, मेरी गल्ला अर मेरै बच़ारा करै लोल़ी त तूह खुश हुअ,
हे बिधाता, तूह ई आसा मेरी शरण लणें ज़ैगा अर मुंह बच़ाऊंणै आल़अ।
मेरी ज़िभा निं किछ़ खोट आथी,
हुंह दैआ अक्ल अर समझ़ाई।
पर हे बिधाता, ज़ुंण महान काम तंऐं किऐ, तेता निं हुंह बिस्सरदअ,
पराणैं ज़मानैं तंऐं ज़ुंण नुआहरै काम किऐ, तिंयां डाहणैं मुंह आद।
आझ़ तैणीं तंऐं ज़िहअ बी किअ मुंह रहणअ तेते बारै सोठदै लागी,
मुंह करनअ तेरै तिन्नां महान कामों धैन।
मुंह फिरा पराणअ ज़मानअ आद,
हुंह करा तेरै तिन्नां महान कामें बारै बच़ार,
तंऐं किऐ दै तिन्नां नुआहरै कामें बारै रहा हुंह सोठदअ लागी।
हे परमेशर, तेरै भबना भितरी शुझिआ हाम्हां का
हाम्हां लै तेरी अटल़ झ़ूरी।
हे बिधाता, मुंह बोल़णीं सारी अमरा तेरी ज़ै-ज़ैकारे गिहा,
ज़ेभै तैणीं हुंह ज़िऊंदअ रहे, तेभै तैणीं रहणअ मुंह तेरै भज़न बोल्दै लागी।
तूह लोल़ी त मेरी सोठ अर गिहा करै खुश हुअ,
किल्हैकि मुल्है खुशी एछा ताखा ई।