Messias
Jesus é o Messias prometido — o Cristo, o Ungido de Deus. Séculos de profecias apontaram para Ele, e Pedro declarou: 'Tu és o Cristo, o Filho do Deus vivo.'
A confissão messiânica
Pedro confessou: Tu és o Cristo, o Filho do Deus vivo. Os apóstolos pregaram incansavelmente que Jesus é o Messias prometido.
ओन उन्को सी कह्यो, "पर तुम मोख का कह्य हय?" शिमोन पतरस न उत्तर दियो, "तय जीन्दो परमेश्वर को बेटा मसीह आय।"
हि हर दिन मन्दिर म अऊर घर घर म उपदेश करनो, अऊर या बात को सुसमाचार सुनावन लग्यो कि यीशुच मसीह आय।
पर परमेश्वर की मदत सी मय अज तक बन्यो हय अऊर छोटो बड़ो सब को आगु गवाही देऊ हय, अऊर उन बातों ख छोड़ कुछ नहीं कह्य जो भविष्यवक्तावों अऊर मूसा न भी कह्यो कि होन वाली हंय, कि मसीह ख दु:ख उठावनो पड़ेंन, अऊर उच सब सी पहिले मरयो हुयो म सी जीन्दो होय क, हमरो लोगों म अऊर गैरयहूदियों म ज्योति को प्रचार करेंन।"
As profecias cumpridas
O Messias viria como Príncipe da Paz, Salvador e Senhor. Cada profecia se cumpriu em Jesus de Nazaré, nascido em Belém.
कहालीकि अज दाऊद को नगर म तुम्हरो लायी एक उद्धारकर्ता न जनम लियो हय, अऊर योच मसीह प्रभु आय।
धन्य अऊर पवित्र ऊ आय, जो यो पहिलो पुनरुत्थान को भागी हय। असो पर दूसरी मृत्यु को कुछ भी अधिकार नहाय, हि मसीह अऊर परमेश्वर को याजक होयेंन अऊर ओको संग एक हजार साल तक राज्य करेंन।
येकोलायी तुम भी तैयार रहो, कहालीकि ओको आवन को बारे म तुम सोचय भी नहीं हय, उच समय आदमी को बेटा आय जायेंन।"