Obediência aos pais
A obediência aos pais é mandamento divino com promessa de vida longa. A Bíblia valoriza a honra filial e ensina os filhos a respeitar e obedecer aos pais com amor.
Honrar pai e mãe
O quinto mandamento ordena honrar pai e mãe. É o primeiro mandamento com promessa: para que vá bem e vivas muito na terra.
"तू अपने पिता और अपनी माता का आदर करना, जिससे जो देश तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे देता है उसमें तू बहुत दिनों तक जीवित रहे।
क्योंकि परमेश्वर ने कहाहै : अपने पिता और अपनी माता का आदर करऔर जो अपने पिता या माता को बुरा कहे वह निश्चय मार डाला जाए।
माता-पिता और बच्चे
हे बच्चो, प्रभु में अपने माता-पिता की आज्ञा मानो, क्योंकि यह उचित है। अपने पिता और माता का आदर कर (यह पहली आज्ञा है जिसके साथ यह प्रतिज्ञा है), ताकि तेरा भला हो और तू पृथ्वी पर दीर्घायु हो। हे पिताओ, अपने बच्चों को क्रोध न दिलाओ बल्कि प्रभु के निर्देशों और अनुशासन में उनका पालन-पोषण करो।
Obedecer e respeitar
Filhos, obedecei a vossos pais no Senhor. A obediência filial é expressão de amor e temor a Deus.
हे बच्चो, सब बातों में अपने माता-पिता की आज्ञा मानो, क्योंकि प्रभु इससे प्रसन्न होता है।
युवकों को हिंसा से दूर रहने की सलाह
हे मेरे पुत्र, अपने पिता की शिक्षा को ध्यान से सुन,
और अपनी माता की सीख को न त्याग,
क्योंकि वे तेरे सिर के लिए शोभायमान मुकुट,
और तेरे गले का हार हैं।
व्यभिचार के विरुद्ध चेतावनी
हे मेरे पुत्र, अपने पिता की आज्ञा का पालन कर,
और अपनी माता की शिक्षा को न त्याग।
उन्हें अपने हृदय में निरंतर बसाए रख;
उन्हें अपने गले का हार बना ले।
जब तू चलेगा तो वे तेरा मार्गदर्शन करेंगी,
जब तू सोएगा तो वे तेरी रक्षा करेंगी,
और जब तू जागेगा तो वे तुझसे बातें करेंगी।
क्योंकि आज्ञा तो दीपक, और शिक्षा ज्योति है,
तथा अनुशासन के लिए ताड़ना जीवन का मार्ग है।
बुद्धि के लाभ
हे मेरे पुत्रो, पिता की शिक्षा सुनो,
और समझ प्राप्त करने में मन लगाओ।
क्योंकि मैं तुम्हें उत्तम शिक्षा देता हूँ;
मेरी शिक्षा को त्याग न देना।
जब मैं अपने पिता के सामने छोटा,
और अपनी माता का अकेला दुलारा था,
तब मेरे पिता ने मुझे यह कहकर सिखाया,
"तेरा मन मेरे वचनों पर लगा रहे।
मेरी आज्ञाओं का पालन कर,
तो तू जीवित रहेगा।
बुद्धि को प्राप्त कर,
समझ को भी प्राप्त कर;
मेरे मुँह के वचनों को भूल न जाना
और न उनसे विमुख होना।
बुद्धि को न त्याग,
वह तेरी रक्षा करेगी;
उससे प्रीति रख,
वह तेरी चौकसी करेगी।
बुद्धिमान पुत्र अपने पिता की शिक्षा को ध्यान से सुनता है,
परंतु ठट्ठा करनेवाला डाँट-डपट पर भी ध्यान नहीं देता।
बच्चे को उसी मार्ग की शिक्षा दे जिस पर उसे चलना चाहिए,
और वह बुढ़ापे में भी उससे न हटेगा।
Disciplina e consequências
A vara e a repreensão dão sabedoria. A Bíblia adverte sobre as consequências sérias da rebeldia e desonra aos pais.
छड़ी और ताड़ना से बुद्धि प्राप्त होती है,
परंतु जिस बच्चे को मनमानी करने की छूट दी जाती है
वह अपनी माता की लज्जा का कारण होता है।
जो पुत्र अपने पिता से दुर्व्यवहार करता
और अपनी माता को घर से निकाल देता है,
वह निंदा और अपमान का कारण है।
जो आँख अपने पिता की हँसी उड़ाती है,
और माता की आज्ञा मानने को तुच्छ जानती है,
उस आँख को तराई के कौए नोच नोचकर निकालेंगे,
और गिद्ध के बच्चे खा जाएँगे।
"जो अपने पिता या अपनी माता को मारे-पीटे, वह निश्चय मार डाला जाए।
जो अपने माता-पिता को कोसता है,
उसका दीपक घोर अंधकार में बुझ जाता है।
तुम दुःख को ताड़ना समझकर सह लो। परमेश्वर तुम्हारे साथ पुत्र के समान व्यवहार करता है। ऐसा कौन सा पुत्र है जिसकी ताड़ना उसका पिता नहीं करता?
यदि किसी विधवा के बच्चे या नाती-पोते हों, तो वे पहले अपने परिवार में भक्ति का व्यवहार करना और अपने माता-पिता के उपकारों का बदला चुकाना सीखें; क्योंकि परमेश्वर की दृष्टि में यह ग्रहणयोग्य है।