Orgulho
O orgulho é um dos pecados mais condenados na Bíblia. Deus resiste aos soberbos, mas dá graça aos humildes. A humildade é o caminho da honra verdadeira.
Deus resiste ao soberbo
A soberba precede a ruína e o orgulho antecede a queda. Deus abomina o coração altivo e promete humilhar quem se exalta.
विनाश से पहले गर्व,
और ठोकर खाने से पहले घमण्ड आता है।
सब मन के घमण्डियों से यहोवा घृणा करता है;
मैं दृढ़ता से कहता हूँ, ऐसे लोग निर्दोष न ठहरेंगे।
ऐसा भी मार्ग है, जो मनुष्य को सीधा जान पड़ता है,
परन्तु उसके अन्त में मृत्यु ही मिलती है।
यहोवा का भय मानना बुराई से बैर रखना है।
घमण्ड और अहंकार, बुरी चाल से,
और उलट-फेर की बात से मैं बैर रखती हूँ।
जब अभिमान होता, तब अपमान भी होता है,
परन्तु नम्र लोगों में बुद्धि होती है।
जब अभिमान होता, तब अपमान भी होता है,
परन्तु नम्र लोगों में बुद्धि होती है।
मनुष्य को गर्व के कारण नीचा देखना पड़ता है,
परन्तु नम्र आत्मावाला महिमा का अधिकारी होता है। (मत्ती 23:12)
मनुष्य को गर्व के कारण नीचा देखना पड़ता है,
परन्तु नम्र आत्मावाला महिमा का अधिकारी होता है। (मत्ती 23:12)
नाश होने से पहले मनुष्य के मन में घमण्ड,
और महिमा पाने से पहले नम्रता होती है।
नाश होने से पहले मनुष्य के मन में घमण्ड,
और महिमा पाने से पहले नम्रता होती है।
यहोवा अहंकारियों के घर को ढा देता है,
परन्तु विधवा की सीमाओं को अटल रखता है।
Humildade como caminho
Humilhai-vos diante do Senhor e Ele vos exaltará. A grandeza no Reino vem pelo serviço humilde, não pela autopromoção.
वह तो और भी अनुग्रह देता है; इस कारण यह लिखा है, "परमेश्वर अभिमानियों से विरोध करता है, पर नम्रों पर अनुग्रह करता है।"
प्रभु के सामने नम्र बनो, तो वह तुम्हें शिरोमणि बनाएगा। (भज. 147:6)
धनी और निर्धन
दीन भाई अपने ऊँचे पद पर घमण्ड करे। और धनवान अपनी नीच दशा पर; क्योंकि वह घास के फूल की तरह मिट जाएगा।
परमेश्वर को समर्पित करना और शैतान का विरोध करना
हे नवयुवकों, तुम भी वृद्ध पुरुषों के अधीन रहो, वरन् तुम सब के सब एक दूसरे की सेवा के लिये दीनता से कमर बाँधे रहो, क्योंकि
"परमेश्वर अभिमानियों का विरोध करता है,
परन्तु दीनों पर अनुग्रह करता है।"
इसलिए परमेश्वर के बलवन्त हाथ के नीचे दीनता से रहो, जिससे वह तुम्हें उचित समय पर बढ़ाए। अपनी सारी चिन्ता उसी पर डाल दो, क्योंकि उसको तुम्हारा ध्यान है।
क्योंकि जो कोई अपने आपको बड़ा बनाएगा, वह छोटा किया जाएगा; और जो कोई अपने आपको छोटा बनाएगा, वह बड़ा किया जाएगा।"
स्वार्थ या मिथ्यागर्व के लिये कुछ न करो, पर दीनता से एक दूसरे को अपने से अच्छा समझो। हर एक अपने ही हित की नहीं, वरन् दूसरों के हित की भी चिन्ता करे।
मसीह की दीनता और महानता
जैसा मसीह यीशु का स्वभाव था वैसा ही तुम्हारा भी स्वभाव हो;
Os perigos do orgulho
O orgulho cega, gera contendas e afasta de Deus. A Escritura adverte contra a soberba da vida e a vã glória mundana.
क्योंकि जो कुछ संसार में है, अर्थात् शरीर की अभिलाषा, और आँखों की अभिलाषा और जीविका का घमण्ड, वह पिता की ओर से नहीं, परन्तु संसार ही की ओर से है। (रोम. 13:14, नीति. 27:20)
इसलिए जो समझता है, "मैं स्थिर हूँ," वह चौकस रहे; कि कहीं गिर न पड़े।
और यदि मैं अपनी सम्पूर्ण सम्पत्ति कंगालों को खिला दूँ, या अपनी देह जलाने के लिये दे दूँ, और प्रेम न रखूँ, तो मुझे कुछ भी लाभ नहीं।
और परमेश्वर ने जगत के नीचों और तुच्छों को, वरन् जो हैं भी नहीं उनको भी चुन लिया, कि उन्हें जो हैं, व्यर्थ ठहराए। ताकि कोई प्राणी परमेश्वर के सामने घमण्ड न करने पाए।
परन्तु जो घमण्ड करे, वह प्रभु पर घमण्ड करे। (1 कुरि. 1:31, यिर्म. 9:24)
क्योंकि जो अपनी बड़ाई करता है, वह नहीं, परन्तु जिसकी बड़ाई प्रभु करता है, वही ग्रहण किया जाता है।
फिर उसने कहा, "जो मनुष्य में से निकलता है, वही मनुष्य को अशुद्ध करता है। क्योंकि भीतर से, अर्थात् मनुष्य के मन से, बुरे-बुरे विचार, व्यभिचार, चोरी, हत्या, परस्त्रीगमन, लोभ, दुष्टता, छल, लुचपन, कुदृष्टि, निन्दा, अभिमान, और मूर्खता निकलती हैं। ये सब बुरी बातें भीतर ही से निकलती हैं और मनुष्य को अशुद्ध करती हैं।"
अहंकार से केवल झगड़े होते हैं,
परन्तु जो लोग सम्मति मानते हैं, उनके पास बुद्धि रहती है।
नम्रता और यहोवा के भयनम्रता और यहोवा के भय: नम्रता का प्रतिफल यहोवा का भय, "धन-सम्पति, सम्मान और जीवन है। मानने का फल धन,
महिमा और जीवन होता है।
धनवानों को निर्देश
इस संसार के धनवानों को आज्ञा दे कि वे अभिमानी न हों और अनिश्चित धन पर आशा न रखें, परन्तु परमेश्वर पर जो हमारे सुख के लिये सब कुछ बहुतायत से देता है। (भज. 62:10)
O olhar de Deus
O Senhor não olha como o homem. Ele vê o coração e se agrada dos quebrantados de espírito e dos que tremem diante da sua Palavra.
परन्तु यहोवा ने शमूएल से कहा, "न तो उसके रूप पर दृष्टि कर, और न उसके कद की ऊँचाई पर, क्योंकि मैंने उसे अयोग्य जाना है; क्योंकि यहोवा का देखना मनुष्य का सा नहीं है; मनुष्य तो बाहर का रूप देखता है, परन्तु यहोवा की दृष्टि मन पर रहती है।" (मत्ती 22:18, मर. 2:8, यूह. 2:25)
फूलकर अहंकार की ओर बातें मत करो,
और अंधेर की बातें तुम्हारे मुँह से न निकलें;
क्योंकि यहोवा ज्ञानी परमेश्वर है,
और कामों को तौलनेवाला है।
यहोवा की यह वाणी है, ये सब वस्तुएँ मेरे ही हाथ की बनाई हुई हैं, इसलिए ये सब मेरी ही हैं। परन्तु मैं उसी की ओर दृष्टि करूँगा जो दीन और खेदित मनदीन और खेदित मन: ऐसा मन जो टूटा हुआ हो, कुचला हुआ हो या पाप से अत्यधिक प्रभावित रहा हो। का हो, और मेरा वचन सुनकर थरथराता हो। (भज. 34:18, मत्ती 5:3)
अब मैं नबूकदनेस्सर स्वर्ग के राजा को सराहता हूँ, और उसकी स्तुति और महिमा करता हूँ क्योंकि उसके सब काम सच्चे, और उसके सब व्यवहार न्याय के हैं; और जो लोग घमण्ड से चलते हैं, उन्हें वह नीचा कर सकता है। (व्यव. 32:4)
इस्राएल के राजा ने उत्तर देकर कहा, "उससे कहो, ‘जो हथियार बाँधता हो वह उसके समान न फूले जो उन्हें उतारता हो।’"
आपस में एक सा मन रखो; अभिमानी न हो; परन्तु दीनों के साथ संगति रखो; अपनी दृष्टि में बुद्धिमान न हो। (नीति. 3:7, यशा. 5:21)
पर आत्मा का फल प्रेम, आनन्द, शान्ति, धीरज, और दया, भलाई, विश्वास, नम्रता, और संयम हैं; ऐसे-ऐसे कामों के विरोध में कोई व्यवस्था नहीं।