Pais e filhos
A relação entre pais e filhos é uma das mais preciosas na Bíblia. Deus estabeleceu a família como escola de fé, amor e formação de caráter.
Honrar pai e mãe
Honrar os pais é o primeiro mandamento com promessa. Os filhos são chamados a obedecer, respeitar e cuidar de seus pais.
"तु आपसा बाबा आरु आपसी आयान आदर कोरजी, जेरेसी जे देश तारा परमेश्वर योहोवा तुखेक आपे छे हेरेम तु घोना दाहड़ा लौगुन रोय सोके।
आसी–बासा आरू पोर्या
ए पोर्या, पोरबु मा आपसा आसी–बासन सोमनीन चालु वाळा बोनु, काहकि यो न्यायीक छे। "आपसी आइस आरू बासन विजुत कोरजी यी पेहखलु हुकुम छे, जिना साते वायदो भी छे, कि तारो वारू हुयो, आरू तु धरती पर घोणा दाहड़ा तक जीवतु रये।"
हे पोर्या, सब वात मा आपसा–आपसा आश बास की हुकुम क पालन करू, काहकि पोरबु इनीये छे खुश होयतो छे।
तव कुधु रंडायली क पोर्या या नाती पोते होय, तो वो पेहल आपने ही घराने क साथे भक्ति क बर्ताव करने, आरू आपसा आश बास शुरू ओको हक देने सीख्या, काहकि यो यहोवा–भगवान क भाता छे।
Instruir os filhos
Os pais devem instruir os filhos no caminho certo. A educação começa cedo, com disciplina amorosa e ensino constante da Palavra.
आरू ए पोर्यान बासो आपसा पोर्यान काजे किचवादड़ो मा बाकुन पोरबुन शिखापन, आरू चेतावनी, ओको पाळन पुषण कोरू।
हे पोर्यावावा, आपसा पोर्या क तंग नी करनो, नी होय कि ओको साहस टूट जाय।
तुमू दुःख क ताड़ना समझीन सह लेवु; यहोवा–भगवान तुमू पोर्य जानीन तुमरे साथे बर्ताव करता छे। वो कुन सी पोर्य छे जेरी ताड़ना बास नी करता?
Filhos como bênção
Os filhos são herança do Senhor. A coroa dos velhos são os filhos dos filhos, e a glória dos filhos são seus pais.
तुमू मा छे ओसो कुन बास होयछे, कि जव ओका पोर्या रोटा मांगछे तो ओको दगड़ा देय; या मासा मांगछे, तो मासा क बदलने ओको गोड़सु आपसे? या आण्डा मांगे तो ओको विसो आपे? "अळते जव तुमू बुरे हुयने आपने पोर्या क वारली समान देने जानता होय, तो सोरगन बास आपने मांगनेवावा क चुखलो आत्मा कोसो नी देसे।"
पर यदि काही आपसा की आरू निज करीन आपने घराने की चिंता नी करे, तो वो विश्वास छे मुकर गया छे आरू विनभुरसीया छे भी बुरा बन गया छे।
आरु कदाम योहोवा परमेश्वरन सेवा करनु तुमुक बुरो लागे, ते आज नेवाळ लेवु कुनीन सेवा कर हत, चाहे उना देवताक जिनाक सेवा तुमरा पोरखा महानदक उका पार करता हता, आरु चाहे एमोरियाक देवतान सेवा करु जिनाक देश मा तुमु रयता होसे; पुन हाव ते आपना घराना समेत योहोवान सेवा नित करीस।"
इने रिते मानुस आसी बासाक छुड़ीन आपसी घोरवाळी सी मिलीन रोहसे, आरु हुये एकुत डील बोनला रोहसे। (मत्ती 19:5, 1 कुरि. 6:16, इफि. 5:31)