A Palavra de Deus
A Palavra de Deus é viva, eficaz e eterna. Desde 'No princípio era o Verbo' até 'O céu e a terra passarão, mas as minhas palavras não hão de passar', ela é a revelação suprema do Criador.
No princípio era o Verbo
A Palavra é Deus encarnado. No princípio era o Verbo, o Verbo estava com Deus, e o Verbo era Deus. Todas as coisas foram feitas por Ele.
ताँरीफ़ी तकरीर:येसु और अब्दि ज़िन्दगी
इब्तिदा में कलाम था, और कलाम ख़ुदा के साथ था, और कलाम ही ख़ुदा था।
ताँरीफ़ी तकरीर:येसु और अब्दि ज़िन्दगी
इब्तिदा में कलाम था, और कलाम ख़ुदा के साथ था, और कलाम ही ख़ुदा था।
और कलाम मुजस्सिम हुआ फ़ज़ल और सच्चाई से भरकर हमारे दरमियान रहा, और हम ने उसका ऐसा जलाल देखा जैसा बाप के इकलौते का जलाल।
और कलाम मुजस्सिम हुआ फ़ज़ल और सच्चाई से भरकर हमारे दरमियान रहा, और हम ने उसका ऐसा जलाल देखा जैसा बाप के इकलौते का जलाल।
और ख़ुदा ने कहा कि रोशनी हो जा, और रोशनी हो गई।
वो उसके जलाल की रोशनी और उसकी ज़ात का नक़्श होकर सब चीज़ों को अपनी क़ुदरत के कलाम से संभालता है। वो गुनाहों को धोकर 'आलम — ए — बाला पर ख़ुदा की दहनी तरफ़ जा बैठा,
ईमान के ज़रिए हम जान लेते हैं कि कायनात को ख़ुदा के कलाम से पैदा किया गया, कि जो कुछ हम देख सकते हैं नज़र आने वाली चीज़ों से नहीं बना।
आसमान ख़ुदावन्द के कलाम से,
और उसका सारा लश्कर उसके मुँह के दम से बना।
A Palavra é viva e eficaz
A Palavra de Deus é mais cortante que espada de dois gumes. Ela julga pensamentos e intenções do coração, transforma e liberta.
क्यूँकि ख़ुदा का कलाम ज़िन्दा, और असरदार, और हर एक दोधारी तलवार से ज़्यादा तेज़ है; और जान और रूह और बन्द, बन्द और गूदे को जुदा करके गुज़र जाता है, और दिल के ख़यालों और इरादों को जाँचता है।
क्यूँकि ख़ुदा का कलाम ज़िन्दा, और असरदार, और हर एक दोधारी तलवार से ज़्यादा तेज़ है; और जान और रूह और बन्द, बन्द और गूदे को जुदा करके गुज़र जाता है, और दिल के ख़यालों और इरादों को जाँचता है।
क्या मेरा कलाम आग की तरह नहीं है? ख़ुदावन्द फ़रमाता है, और हथौड़े की तरह जो चट्टान को चकनाचूर कर डालता है?
और नजात का टोप, और रूह की तलवार, जो ख़ुदा का कलाम है ले लो;
Toda Escritura é inspirada
Toda a Escritura é inspirada por Deus e útil para ensino, correção e instrução na justiça. Ela é perfeita e imutável.
हर एक सहीफ़ा जो ख़ुदा के इल्हाम से है ता’लीम और इल्ज़ाम और इस्लाह और रास्तबाज़ी में तरबियत करने के लिए फ़ाइदे मन्द भी है।
हर एक सहीफ़ा जो ख़ुदा के इल्हाम से है ता’लीम और इल्ज़ाम और इस्लाह और रास्तबाज़ी में तरबियत करने के लिए फ़ाइदे मन्द भी है। ताकि मर्दे ख़ुदा कामिल बने और हर एक नेक काम के लिए बिल्कुल तैयार हो जाए।
हर एक सहीफ़ा जो ख़ुदा के इल्हाम से है ता’लीम और इल्ज़ाम और इस्लाह और रास्तबाज़ी में तरबियत करने के लिए फ़ाइदे मन्द भी है। ताकि मर्दे ख़ुदा कामिल बने और हर एक नेक काम के लिए बिल्कुल तैयार हो जाए।
Luz para o caminho
A Palavra é lâmpada para os pés e luz para nosso caminho. Ela ilumina, orienta e protege o que nela medita dia e noite.
तेरा कलाम मेरे क़दमों के लिए चराग़,
और मेरी राह के लिए रोशनी है।
तेरा कलाम मेरे क़दमों के लिए चराग़,
और मेरी राह के लिए रोशनी है।
तेरी बातों की तशरीह नूर बख़्शती है,
वह सादा दिलों को 'अक़्लमन्द बनाती है।
ऐ ख़ुदावन्द! तेरा कलाम,
आसमान पर हमेशा तक क़ाईम है।
जवान अपने चाल चलन किस तरह पाक रख्खे?
तेरे कलाम के मुताबिक़ उस पर निगाह रखने से।
मैंने तेरे कलाम को अपने दिल में रख लिया है
ताकि मैं तेरे ख़िलाफ़ गुनाह न करूँ।
तेरे कलाम का ख़ुलासा सच्चाई है,
तेरी सदाक़त के कुल अहकाम हमेशा के हैं।
शीन
Obedecer a Palavra
Seja praticante da Palavra e não apenas ouvinte. Jesus disse que quem ouve e pratica é como o homem sábio que edificou sobre a rocha.
लेकिन कलाम पर अमल करने वाले बनो, न महज़ सुनने वाले जो अपने आपको धोखा देते हैं।
लेकिन कलाम पर अमल करने वाले बनो, न महज़ सुनने वाले जो अपने आपको धोखा देते हैं।
लेकिन कलाम पर अमल करने वाले बनो, न महज़ सुनने वाले जो अपने आपको धोखा देते हैं। क्यूँकि जो कोई कलाम का सुनने वाला हो और उस पर अमल करने वाला न हो वो उस शख़्स की तरह है जो अपनी क़ुदरती सूरत आइँना में देखता है। इसलिए कि वो अपने आप को देख कर चला जाता और भूल जाता है कि मैं कैसा था।
इसलिए सारी नजासत और बदी की गंदगी को दूर करके उस कलाम को नर्मदिल से क़ुबूल कर लो जो दिल में बोया गया और तुम्हारी रूहों को नजात दे सकता है।
"पस जो कोई मेरी यह बातें सुनता और उन पर अमल करता है वह उस अक़्लमन्द आदमी की तरह ठहरेगा जिस ने चट्टान पर अपना घर बनाया।
उस ने जवाब में कहा, "लिखा है आदमी सिर्फ़ रोटी ही से ज़िन्दा न रहेगा; बल्कि हर एक बात से जो ख़ुदा के मुँह से निकलती है।"
उस ने जवाब में कहा, "लिखा है आदमी सिर्फ़ रोटी ही से ज़िन्दा न रहेगा; बल्कि हर एक बात से जो ख़ुदा के मुँह से निकलती है।"
उसने कहा, "हाँ; मगर ज़्यादा मुबारिक़ वो है जो ख़ुदा का कलाम सुनते और उस पर 'अमल करते हैं।"
ईसा ने उसको जवाब दिया, "कलाम में लिखा है कि, आदमी सिर्फ़ रोटी ही से जीता न रहेगा।"
और सब हैरान होकर आपस में कहने लगे, "ये कैसा कलाम है? क्यूँकि वो इख़्तियार और क़ुदरत से नापाक रूहों को हुक्म देता है और वो निकल जाती हैं।"
A Palavra que permanece
Céus e terra passarão, mas as palavras de Jesus jamais passarão. A Palavra do Senhor permanece para sempre — eterna e infalível.
आसमान और ज़मीन टल जाएँगी लेकिन मेरी बातें हरगिज़ न टलेंगी।"
आसमान और ज़मीन टल जाएँगे लेकिन मेरी बातें न टलेंगी।"
हाँ, घास मुरझाती है, फूल कुमलाता है; लेकिन हमारे ख़ुदा का कलाम हमेशा तक क़ाईम है।
क्यूँकि ख़ुदावन्द का कलाम रास्त है;
और उसके सब काम बावफ़ा हैं।
क्यूँकि ख़ुदावन्द का कलाम रास्त है;
और उसके सब काम बावफ़ा हैं।
ख़ुदा का हर एक बात पाक है,
वह उनकी सिपर है जिनका भरोसा उस पर है।
क्यूँकि ख़ुदावन्द हिकमत बख़्शता है;
'इल्म — ओ — समझ उसी के मुँह से निकलते हैं।
क्यूँकि ख़ुदावन्द हिकमत बख़्शता है;
'इल्म — ओ — समझ उसी के मुँह से निकलते हैं।
O poder da Palavra
A Palavra transforma, sara e liberta. Quem permanece na Palavra de Jesus conhece a verdade, e a verdade o liberta.
पस ईसा ने उन यहूदियों से कहा, जिन्होंने उसका यक़ीन किया था, "अगर तुम कलाम पर क़ाईम रहोगे, तो हक़ीक़त में मेरे शागिर्द ठहरोगे।
पस ईसा ने उन यहूदियों से कहा, जिन्होंने उसका यक़ीन किया था, "अगर तुम कलाम पर क़ाईम रहोगे, तो हक़ीक़त में मेरे शागिर्द ठहरोगे। और सच्चाई को जानोगे और सच्चाई तुम्हें आज़ाद करेगी।"
मैं तुम से सच कहता हूँ कि अगर कोई इंसान मेरे कलाम पर 'अमल करेगा, तो हमेशा तक कभी मौत को न देखेगा।"
मैं तुम से सच कहता हूँ कि जो मेरा कलाम सुनता और मेरे भेजने वाले का यक़ीन करता है, हमेशा की ज़िन्दगी उसकी है और उस पर सज़ा का हुक्म नहीं होता बल्कि वो मौत से निकलकर ज़िन्दगी में दाख़िल हो गया है।"
ईसा ने जवाब दिया, "अगर कोई मुझे मुहब्बत करे तो वह मेरे कलाम के मुताबिक़ ज़िन्दगी गुज़ारेगा। मेरा बाप ऐसे शख़्स को मुहब्बत करेगा और हम उस के पास आ कर उस के साथ रहा करेंगे।
उस कलाम के वजह से जो मैं ने तुम को सुनाया है तुम तो पाक — साफ़ हो चुके हो।
उन्हें सच्चाई के वसीले से मख़्सूस — ओ — मुक़द्दस कर। तेरा कलाम ही सच्चाई है।
"पस जब वो मुर्दों में से जी उठा तो उसके शागिर्दों को याद आया कि उसने ये कहा था; और उन्होंने किताब — ए — मुक़द्दस और उस क़ौल का जो ईसा ने कहा था, यक़ीन किया।"
और उसके कलाम के ज़रिए से और भी बहुत सारे ईमान लाए
जो मुझ पर ईमान लाएगा उसके अन्दर से, जैसा कि किताब — ए — मुक़द्दस में आया है, ज़िन्दगी के पानी की नदियाँ जारी होंगी।"
Meditar na Palavra
A meditação na Palavra traz prosperidade e bom sucesso. Ela é fonte de sabedoria, consolo e orientação para toda a vida.
शरी’अत की यह किताब तेरे मुँह से न हटे, बल्कि तुझे दिन और रात इसी का ध्यान हो ताकि जो कुछ उस में लिखा है उस सब पर तू एहतियात करके 'अमल कर सके; क्यूँकि तब ही तुझे कामयाबी की राह नसीब होगी और तू ख़ूब कामयाब होगा।
तेरा कलाम मिला और मैंने उसे नोश किया, और तेरी बातें मेरे दिल की ख़ुशी और ख़ुर्रमी थीं; क्यूँकि ऐ ख़ुदावन्द, रब्ब — उल — अफ़वाज मैं तेरे नाम से कहलाता हूँ।
कि अगर तू अपनी ज़बान से ईसा के ख़ुदावन्द होने का इक़रार करे और अपने दिल से ईमान लाए कि ख़ुदा ने उसे मुर्दों में से जिलाया तो नजात पाएगा। क्यूँकि रास्तबाज़ी के लिए ईमान लाना दिल से होता है और नजात के लिए इक़रार मुँह से किया जाता है।
मेरा फ़ख़्र ख़ुदा पर और उसके कलाम पर है।
मेरा भरोसा ख़ुदा पर है,
मैं डरने का नहीं:बशर मेरा क्या कर सकता है?
लेकिन ख़ुदा की राह कामिल है;
ख़ुदावन्द का कलाम ताया हुआ है;
वह उन सबकी ढाल है जो उस पर भरोसा रखते हैं।
तूने मुझ को अपनी नजात की ढाल बख़्शी,
और तेरे दहने हाथ ने मुझे संभाला, और तेरी नमी ने मुझे बुज़ूर्ग बनाया है।
तूने मेरे नीचे, मेरे क़दम कुशादा कर दिए;
और मेरे पाँव नहीं फिसले।
वह कौन आदमी है जो ज़िन्दगी का मुश्ताक़ है,
और बड़ी उम्र चाहता है ताकि भलाई देखें?
अपनी ज़बान को बदी से बाज़ रख,
और अपने होंटों को दग़ा की बात से।
और उसने तुझको 'आजिज़ किया भी और तुझको भूका होने दिया, और वह मन्न जिसे न तू न तेरे बाप — दादा जानते थे तुझको खिलाया; ताकि तुझको सिखाए कि इंसान सिर्फ़ रोटी ही से ज़िन्दा नहीं रहता, बल्कि हर बात से जो ख़ुदावन्द के मुँह से निकलती है वह ज़िन्दा रहता है।
पैदाइशी बच्चों की तरह ख़ालिस रूहानी दूध के इंतज़ार में रहो, ताकि उसके ज़रिए से नजात हासिल करने के लिए बढ़ते जाओ,
मसीह का रवैय्या रखो
पर अगर कुछ तसल्ली मसीह में और मुहब्बत की दिलजम’ई और रूह की शराकत और रहमदिली और — दर्द मन्दी है, तो मेरी ख़ुशी पूरी करो कि एक दिल रहो, यक्साँ मुहब्बत रखो एक जान हो, एक ही ख़याल रख्खो।
तफ़्रक़े और बेजा फ़ख़्र के बारे में कुछ न करो, बल्कि फ़रोतनी से एक दूसरे को अपने से बेहतर समझो। हर एक अपने ही अहवाल पर नहीं, बल्कि हर एक दूसरों के अहवाल पर भी नज़र रख्खे।
वैसा ही मिज़ाज रखो जैसा मसीह ईसा का भी था;
उसने अगरचे ख़ुदा की सूरत पर था,
ख़ुदा के बराबर होने को क़ब्ज़े के
रखने की चीज़ न समझा।
बल्कि अपने आप को ख़ाली कर दिया
और ख़ादिम की सूरत इख़्तियार की
और इंसान ों के मुशाबह हो गया।
और इंसानी सूरत में ज़ाहिर होकर अपने आप को पस्त कर दिया और यहाँ तक फ़रमाँबरदार रहा कि मौत बल्कि
सलीबी मौत गंवारा की।
इसी वास्ते ख़ुदा ने भी उसे बहुत सर बुलन्द किया
और उसे वो नाम बख़्शा जो सब नामों से आ’ला है
ताकि 'ईसा के नाम पर हर एक घुटना झुके;
चाहे आसमानियों का हो चाहे ज़मीनियों का, चाहे उनका जो ज़मीन के नीचे हैं।
और ख़ुदा बाप के जलाल के लिए
हर एक ज़बान इक़रार करे कि 'ईसा मसीह ख़ुदावन्द है।
पस ए मेरे अज़ीज़ो जिस तरह तुम हमेशा से फ़रमाबरदारी करते आए हो उसी तरह न सिर्फ़ मेरी हाज़िरी में, बल्कि इससे बहुत ज़्यादा मेरी ग़ैर हाज़िरी में डरते और काँपते हुए अपनी नजात का काम किए जाओ; क्यूँकि जो तुम में नियत और 'अमल दोनों को, अपने नेक इरादे को अन्जाम देने के लिए पैदा करता वो ख़ुदा है।
सब काम शिकायत और तकरार बग़ैर किया करो, ताकि तुम बे ऐब और भोले हो कर टेढ़े और कजरौ लोगों में ख़ुदा के बेनुक़्स फ़र्ज़न्द बने रहो [जिनके बीच दुनिया में तुम चराग़ों की तरह दिखाई देते हो, और ज़िन्दगी का कलाम पेश करते हो]; ताकि मसीह के वापस आने के दिन मुझे तुम पर फ़ख़्र हो कि न मेरी दौड़ — धूप बे फ़ाइदा हुई, न मेरी मेहनत अकारत गई।
और अगर मुझे तुम्हारे ईमान की क़ुर्बानी और ख़िदमत के साथ अपना ख़ून भी बहाना पड़े, तो भी ख़ुश हूँ और तुम सब के साथ ख़ुशी करता हूँ। तुम भी इसी तरह ख़ुश हो और मेरे साथ ख़ुशी करो।
मुझे ख़ुदावन्द' ईसा में ख़ुशी है उम्मीद है कि तीमुथियुस को तुम्हारे पास जल्द भेजूँगा, ताकि तुम्हारा अहवाल दरयाफ़्त करके मेरी भी ख़ातिर जमा हो। क्यूँकि कोई ऐसा हम ख़याल मेरे पास नहीं, जो साफ़ दिली से तुम्हारे लिए फ़िक्रमन्द हो। सब अपनी अपनी बातों के फ़िक्र में हैं, न कि ईसा मसीह की।
लेकिन तुम उसकी पुख़्तगी से वाक़िफ़ हो कि जैसा बेटा बाप की ख़िदमत करता है, वैसे ही उसने मेरे साथ ख़ुशख़बरी फैलाने में ख़िदमत की। पस मैं उम्मीद करता हूँ कि जब अपने हाल का अन्जाम मालूम कर लूँगा तो उसे फ़ौरन भेज दूँगा। और मुझे ख़ुदावन्द पर भरोसा है कि मैं आप भी जल्द आऊँगा।
लेकिन मैं ने ईपफ़्रूदीतुस को तुम्हारे पास भेजना ज़रूरी समझा। वो मेरा भाई, और हम ख़िदमत, और मसीह क़ा सिपाही, और तुम्हारा क़ासिद, और मेरी हाजत रफ़ा’करने के लिए ख़ादिम है। क्यूँकि वो तुम सब को बहुत चाहता था, और इस वास्ते बे क़रार रहता था कि तूने उसकी बीमारी का हाल सुना था। बेशक वो बीमारी से मरने को था, मगर ख़ुदा ने उस पर रहम किया, सिर्फ़ उस ही पर नहीं बल्कि मुझ पर भी ताकि मुझे ग़म पर ग़म न हो।
इसी लिए मुझे उसके भेजने का और भी ज़्यादा ख़याल हुआ कि तुम भी उसकी मुलाक़ात से फिर ख़ुश हो जाओ, और मेरा भी ग़म घट जाए। पस तुम उससे ख़ुदावन्द में कमाल ख़ुशी के साथ मिलना, और ऐसे शख़्सों की' इज़्ज़त किया करो, इसलिए कि वो मसीह के काम की ख़ातिर मरने के क़रीब हो गया था, और उसने जान लगा दी ताकि जो कमी तुम्हारी तरफ़ से मेरी ख़िदमत में हुई उसे पूरा करे।
Palavras de vida
As palavras de Deus são espírito e vida. Quem fala deve falar como oráculos de Deus, com verdade, sabedoria e edificação.
बिना समझे बोलने वाले की बातें तलवार की तरह छेदती हैं,
लेकिन 'अक़्लमंद की ज़बान सेहत बख़्श है।
आदमी का दिल फ़िक्रमंदी से दब जाता है,
लेकिन अच्छी बात से ख़ुश होता है।
सादिक़ का मुँह ज़िन्दगी का चश्मा है,
लेकिन शरीरों के मुँह को जु़ल्म ढाँकता है।
नर्म जवाब क़हर को दूर कर देता है,
लेकिन कड़वी बातें ग़ज़ब अंगेज़ हैं।
आदमी की पेट उसके मुँह के फल से भरता है,
और वहअपने लबों की पैदावार से सेर होता है।
मौत और ज़िन्दगी ज़बान के क़ाबू में हैं,
और जो उसे दोस्त रखते हैं उसका फल खाते हैं।
मगर जो बातें मुँह से निकलती हैं वो दिल से निकलती हैं और वही आदमी को नापाक करती हैं। क्यूँकि बुरे ख़याल, ख़ून रेज़ियाँ, ज़िनाकारियाँ, हरामकारियाँ, चोरियाँ, झूठी, गवाहियाँ, बदगोइयाँ, दिल ही से निकलती हैं।"
मैं तुम से कहता हूँ; कि जो निकम्मी बात लोग कहेंगे; 'अदालत के दिन उसका हिसाब देंगे। क्यूँकि तू अपनी बातों की वजह से रास्तबाज़ ठहराया जाएगा; और अपनी बातों की वजह से क़ुसूरवार ठहराया जाएगा।"
ऐ साँप के बच्चो! तुम बुरे होकर क्यूँकर अच्छी बातें कह सकते हो? क्यूँकि जो दिल में भरा है वही मुँह पर आता है।
इसलिए कि हम सब के सब अक्सर ख़ता करते हैं; कामिल शख़्स वो है जो बातों में ख़ता न करे वो सारे बदन को भी क़ाबू में रख सकता है;
देखो हम अपने क़ाबू में करने के लिए घोड़ों के मुँह में लगाम देते हैं तो उनके सारे बदन को भी घुमा सकते हैं। और जहाज़ भी अगरचे बड़े बड़े होते हैं और तेज़ हवाओं से चलाए जाते हैं तोभी एक निहायत छोटी सी पतवार के ज़रिए माँझी की मर्ज़ी के मुवाफ़िक़ घुमाए जाते हैं।
इसी तरह ज़बान भी एक छोटा सा 'उज़्व है और बड़ी शेख़ी मारती है। देखो थोड़ी सी आग से कितने बड़े जंगल में आग लग जाती है। ज़बान भी एक आग है ज़बान हमारे आज़ा में शरारत का एक आ’लम है और सारे जिस्म को दाग़ लगाती है और दाइरा दुनिया को आग लगा देती है और जहन्नुम की आग से जलती रहती है।
क्यूँकि हर क़िस्म के चौपाए और परिन्दे और कीड़े मकोड़े और दरियाई जानवर तो इंसान के क़ाबू में आ सकते हैं और आए भी हैं। मगर ज़बान को कोई क़ाबू में नहीं कर सकता वो एक बला है जो कभी रुकती ही नहीं ज़हर — ए — क़ातिल से भरी हुई है।
पस ईमान सुनने से पैदा होता है और सुनना मसीह के कलाम से।
लेकिन मैं कहता हूँ, क्या उन्होंने नहीं सुना? चुनाँचे लिखा है, "उनकी आवाज़ तमाम रू’ए ज़मीन पर और उनकी बातें दुनिया की इन्तिहा तक पहुँची"।