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ज़बूर 98

1 ़ुवनमननयहम

ूँि उसन'अजिैं।

उसकदहनऔर उसक़ू उसकितह िै।

2 ़ुवनअपननज़ािै,

उसनअपनसद़ौों मऩािै।

3 उसनइसईल घरहकें अपनशफवफ़ाै,

इनिों हम़ुनजै।

4 तमअहल ! ़ुवनमऩुो;

ललकऔर ु़और मदहसरकरो।

5 ़ुवनिइश िपर करो,

िऔर आवे।

6 नरसिंऔर करनआवे,

दशा’़ुवनमनु़ो।

7 समनदर और उसका’मच

और जहऔर उसकिंे।

8 िाँ बजँ;

पह़िाँ िलकर ़ुँ।

9 ़ुवनमने, ूँि वह 'अदलत करनरहै।

वह सदजही,

़ौों 'अदलत करा।

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