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ज़बूर 54

1 ़ुा! अपनवसबचा,

और अपनु़दरत इनकर

2 ़ुे;

ुँों पर लगा।

3 ूँि ़िउठैं,

और ़े तलबगैं;

उनों़ुअपनमननहीं रखा।

4 ो, ़ुमददगै!

़ुवनलनों ें ै।

5 वह मनों पर ा;

अपनसचउनककर!

6 ैं मनरज़ा ु़चढ़ाा;

़ुवन! ैं रगु़़ाकरूँ

ूँि वह ू़ै।

7 ूँि उसनसब बतों ़ाै,

और मनों िै।

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