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ज़बूर 82

1 ़ुजमा’अत ें ़ुै।

वह इलों 'अदलत करतै:

2 "कब तक इऩी 'अदलत करे,

और शरों तरफकरे? ि

3 और यतइनकरो,

मजऔर िइनआओ

4 और हतबच;

शरों उनक़ा"

5 वह नतैं समझतैं,

वह ें इधर उधर चलतैं;

सब िें िगई ैं।

6 ैंकहा, "इलो,

और सब हका’ो;

7 आदमिों तरह मरे,

और 'उमरें ितरह िओगे।"

8 ़ुा! उठ 'अदलत कर

ूँि सब ़ौों िा।

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