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ज़बूर 138

1 ैं िकरूँा;

ा’ों मनमदहसरकरूँा।

2 ैं कल तरफकर िकरूँा,

और शफऔए सच़ािकरूँा।

ूँि अपनकलअपनहरऩ्'अजमत ै।

3 ििैंी, जविा,

और कर सलबढ़ाा।

4 ़ुवन! सब दशकरेंे,

ूँि उनोंुँकलै;

5 बलि वह ़ुवनों हम

ूँि ़ुवनजलबड़ा ै।

6 ूँि ़ुवनअगरचलनै,

़ाकसरखतै;

िमगपहचै।

7 ैं ें ूं ़ादम करा,

मनों हर ़िबढ़ाएगा,

और दहनबचा।

8 ़ुवनिसब करा;

़ुवन! शफहमै।

अपनदसतक़।

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