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ज़बूर 60

1 ़ुा, हमें रदिा;

हमें िकसकर िा।

रहै। हमें िबहकर

2 लरज़ा िा;

उसै।

उसकरख़्बनकर ूँि वह लरज़ाँ ै।

3 अपनों सख़्िाँ ि,

हमकलडखड़ा मय ि

4 डरतैं, उनकएक िै;

ि वह हक़ािलनिं। ि

5 अपनदहनबचऔर हमें जवे,

ि महबबचँ।

6 ़ुअपनें रमै, "ैं ़ुकरूँा;

ैं िकम तककरूँा, और ूँा।

7 िल’आद ै, मनसै;

इफ़्ईम िू़ै,

यह'असै।

8 आब िलमचै,

अदपर ैं ूँा;

़िि, वजह ललक"

9 उस हकम शहर ें पहुँएगा?

अदतक गयै?

10 ़ुा, हमें रदनहीं कर िा?

़ुा, हमलशकरों नहीं ा।

11 ़ाि़ाबलें हममदद कर,

ूँि मदद ै।

12 ़ुमदद हम बहकरेंे,

ूँि वहहम़ाि़ों पसकरा।

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