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ज़बूर 100

1 ऐ अहले ज़मीन, सब ख़ुदावन्द के सामने ख़ुशी का ना’रा मारो!

2 ख़ुशी से ख़ुदावन्द की इबादत करो!

गाते हुए उसके सामने हाज़िर हों!

3 जान रखों ख़ुदावन्द ही ख़ुदा है!

उसी ने हम को बनाया और हम उसी के है;

हम उसके लोग और उसकी चरागाह की भेड़े हैं।

4 शुक्रगुज़ारी करते हुए उसके फाटकों में

और हम्द करते हुए उसकी बारगाहों में दाख़िल हो;

उसका शुक्र करो और उसके नाम को मुबारक कहो!

5 क्यूँकि ख़ुदावन्द भला है, उसकी शफ़क़त हमेशा की है,

और उसकी वफ़ादारी नसल दर नसल रहती है।

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