Pular para o conteúdo
Publicidade

ज़बूर 5

1 ऐ ख़ुदावन्द मेरी बातो पर कान लगा!

मेरी आहों पर तवज्जुह कर!

2 ऐ मेरे बादशाह! ऐ मेरे ख़ुदा! मेरी फ़रियाद की आवाज़ की तरफ़ मुतवज्जिह हो,

क्यूँकि मैं तुझ ही से दुआ करता हूँ।

3 ऐ ख़ुदावन्द तू सुबह को मेरी आवाज़ सुनेगा।

मैं सवेरे ही तुझ से दुआ करके इन्तिज़ार करूँगा।

4 क्यूँकि तू ऐसा ख़ुदा नहीं जो शरारत से खु़श हो।

गुनाह तेरे साथ नहीं रह सकता।

5 घमंडी तेरे सामने खड़े न होंगे।

तुझे सब बदकिरदारों से नफ़रत है।

6 तू उनको जो झूट बोलते हैं हलाक करेगा।

ख़ुदावन्द को खू़ँख़्वार और दग़ाबाज़ आदमी से नफ़रत है।

7 लेकिन मैं तेरी शफ़क़त की कसरत से तेरे घर में आऊँगा।

मैं तेरा रौ’ब मानकर तेरी पाक हैकल की तरफ़ रुख़ करके सिज्दा करूँगा।

8 ऐ ख़ुदावन्द! मेरे दुश्मनों की वजह से मुझे अपनी सदाक़त में चला;

मेरे आगे आगे अपनी राह को साफ़ कर दे।

9 क्यूँकि उनके मुँह में ज़रा सच्चाई नहीं, उनका बातिन सिर्फ़ बुराई है।

उनका गला खुली क़ब्र है, वह अपनी ज़बान से ख़ुशामद करते हैं।

10 ऐ ख़ुदा तू उनको मुजरिम ठहरा;

वह अपने ही मश्वरों से तबाह हों।

उनको उनके गुनाहों की ज़्यादती की वजह से ख़ारिज कर दे;

क्यूँकि उन्होंने तुझ से बग़ावत की है।

11 लेकिन वह सब जो तुझ पर भरोसा रखते हैं, शादमान हों,

वह सदा ख़ुशी से ललकारें, क्यूँकि तू उनकी हिमायत करता है।

और जो तेरे नाम से मुहब्बत रखते हैं, तुझ में ख़ुश रहें।

12 क्यूँकि तू सादिक़ को बरकत बख़्शेगा।

ऐ ख़ुदावन्द! तू उसे करम से ढाल की तरह ढाँक लेगा।

Estes versículos te tocaram? Ore agora!

+581 estão orando agora.

Junte-se à corrente de oração.