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ज़बूर 64

1 ़ुिआव

मन ़ौबचरख

2 शरों ़ु़िमशवरे,

और बदकिरदों ि

3 िोंअपनतलवतरह ी,

और तलों ों ििै;

4 ि उनक़ु़िमक़ाों ें िआदमपर चलँ;

वह उनकअचनक उस पर चलैं और डरतनहीं।

5 वह मजइरकरतैं;

वह लगसलकरतैं,

वह कहतैं, "हम ा?"

6 वह शररतों कर िलतैं;

वह कहतैं, "हमनू़लगा।"

उनमें हर एक िऔर ि'अमै।

7 ि़ुउन पर चलएगा;

वह अचनक ़्े।

8 और उन उनकतबकरी;

ितनउनकेंसब ििे।

9 और सब डर े,

और ़ुबयकरेंे;

और उसकतर'अमल बख़ूसमझ ेंे।

10 ि़ुवनें ़ुा,

और उस पर भरकरा,

और ितनतदिैं सब ़्करेंे।

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