O papel da mulher
A Bíblia honra a mulher como colaboradora essencial no plano de Deus. De Provérbios 31 às mulheres do Novo Testamento, a Escritura celebra a sabedoria, a força e a fé feminina.
A mulher virtuosa
Mulher virtuosa, quem a achará? Seu valor excede o de rubis. Ela é sábia, trabalhadora, generosa e temida pelo Senhor.
गुणवान पत्नी
गुणी पत्नी कौन पा सकता है?
उसका मूल्य तो रत्नों से भी बहुत अधिक है।
उसके पति के मन में उसके प्रति विश्वास है,
और उसे किसी उत्तम वस्तु की घटी नहीं होगी।
वह स्त्री अपने जीवन भर उससे बुरा नहीं,
बल्कि भला ही व्यवहार करती है।
वह ऊन और सन ढूँढ़ती है,
और प्रसन्नतापूर्वक अपने हाथों से काम करती है।
वह व्यापारी जहाज़ों के समान
अपनी भोजन-वस्तुएँ दूर-दूर से लाती है।
पौ फटने से पहले ही
वह जागकर अपने घर के लोगों को भोजन खिलाती है
और अपनी दासियों को काम बाँटती है।
वह सोच विचार करके किसी खेत को खरीद लेती है;
वह अपनी कमाई से दाख की बारी लगाती है।
वह काम करने के लिए अपनी कमर कसती है,
और अपनी बाँहों को दृढ़ बनाती है।
वह अपने व्यापार से होने वाले लाभ को भाँप लेती है,
और देर रात तक उसका दीपक जलता रहता है।
वह तकली चलाने के लिए अपना हाथ बढ़ाती है;
और उसके हाथ चरखे को पकड़े रहते हैं।
वह दीन लोगों के लिए अपने हाथ खोल देती है,
और दरिद्र की सहायता के लिए अपने हाथ बढ़ाती है।
वह सन के वस्त्र बनाकर बेचती है,
और व्यापारियों तक कमरबंद पहुँचाती है।
वह बल और सम्मान से सुसज्जित है,
और हँसकर आने वाले दिन का सामना करती है।
उसके मुँह से बुद्धि की बात निकलती है,
और उसकी जीभ पर कृपा की शिक्षा रहती है।
वह अपनी गृहस्थी की सब बातों पर ध्यान देती है,
और परिश्रम किए बिना रोटी नहीं खाती।
बुद्धिमान स्त्री अपने घर को बनाती है,
परंतु मूर्ख स्त्री उसे अपने ही
हाथों से उजाड़ देती है।
युवकों को हिंसा से दूर रहने की सलाह
हे मेरे पुत्र, अपने पिता की शिक्षा को ध्यान से सुन,
और अपनी माता की सीख को न त्याग,
Beleza interior
A beleza verdadeira não é exterior, mas o caráter incorruptível de um espírito manso e tranquilo. Isso tem grande valor diante de Deus.
मसीही दंपति
हे पत्नियो, अपने-अपने पति के अधीन रहो, जिससे यदि उनमें से कुछ ऐसे हों जो वचन का पालन न करते हों, तो वे तुम्हारे भक्तिपूर्ण पवित्र आचरण को देखकर वचन बिना ही तुम्हारे व्यवहार से जीत लिए जाएँ। तुम्हारा श्रृंगार बाहरी न हो जैसे बालों का गूँथना और सोने के आभूषण या भड़कीले वस्त्र पहनना, बल्कि यह तुम्हारे मन का छिपा हुआ व्यक्तित्व हो, जो नम्र और शांत स्वभाव के अविनाशी आभूषणों से सुसज्जित हो, जिसका परमेश्वर की दृष्टि में बड़ा मूल्य है। पूर्वकाल में परमेश्वर पर आशा रखनेवाली पवित्र स्त्रियाँ भी अपने-अपने पति के अधीन रहकर अपने आपको ऐसे ही सँवारती थीं, जैसे सारा, जो अब्राहम को स्वामी कहकर उसकी आज्ञा मानती थी। यदि तुम भी भलाई करो और किसी बात से भयभीत न हो, तो उसकी बेटियाँ ठहरोगी।
हे पतियो, तुम भी इसी प्रकार अपनी-अपनी पत्नी के साथ समझदारी से रहो, और उन्हें निर्बल पात्र जानकर और अनुग्रह के जीवन का सह-उत्तराधिकारी समझकर उनका आदर करो, जिससे तुम्हारी प्रार्थनाओं में बाधा न आए।
इसी प्रकार स्त्रियाँ भी शालीनता और सादगी के साथ उचित पहनावे से अपने आपको सँवारें; वे बाल गूँथने और सोने या मोतियों या बहुमूल्य वस्त्रों से नहीं,
इसी प्रकार उनकी पत्नियाँ भी सम्माननीय हों; दोष लगानेवाली नहीं बल्कि संयमी और सब बातों में विश्वासयोग्य हों।
Parceria e dignidade
Deus criou homem e mulher à sua imagem. A mulher não é inferior, mas parceira e co-herdeira da graça da vida.
तब परमेश्वर ने मनुष्य को अपने स्वरूप में रचा; अपने ही स्वरूप में परमेश्वर ने उसे रचा; उसने उन्हें नर और नारी के रूप में रचा। और परमेश्वर ने उन्हें आशिष दी, और उनसे कहा, "फूलो-फलो और पृथ्वी में भर जाओ, और उसे अपने वश में कर लो; और समुद्र की मछलियों, तथा आकाश के पक्षियों, और पृथ्वी पर चलने-फिरनेवाले सब जीव-जंतुओं पर तुम्हारा अधिकार हो।"
फिर यहोवा परमेश्वर ने कहा, "आदम का अकेला रहना अच्छा नहीं; मैं उसके लिए एक उपयुक्त सहायक बनाऊँगा।"
फिर उसने स्त्री से कहा, "मैं तेरी प्रसव-पीड़ा को बहुत अधिक बढ़ाऊँगा; तू पीड़ा के साथ बच्चों को जन्म देगी। तेरी लालसा तेरे पति की ओर होगी, और वह तुझ पर प्रभुता करेगा।"
फिर भी, प्रभु में न तो स्त्री बिना पुरुष के और न पुरुष बिना स्त्री के है, क्योंकि जैसे स्त्री पुरुष से हुई वैसे ही पुरुष स्त्री के द्वारा है; और सब कुछ परमेश्वर से है।
पति और पत्नी
हे पत्नियो, अपने-अपने पति के वैसे ही अधीन रहो जैसे प्रभु के; क्योंकि पति पत्नी का सिर है जैसे मसीह कलीसिया का सिर है और स्वयं देह का उद्धारकर्ता भी है। इसलिए जैसे कलीसिया मसीह के अधीन है, वैसे ही पत्नियाँ भी हर बात में अपने-अपने पति के अधीन रहें।
इसी प्रकार वृद्ध स्त्रियों का आचरण भी पवित्र हो। वे न तो दोष लगानेवाली और न ही पियक्कड़ हों, बल्कि अच्छी बातें सिखानेवाली हों, ताकि वे जवान स्त्रियों को सिखा सकें कि वे अपने-अपने पति और बच्चों से प्रीति रखनेवाली, समझदार, पवित्र आचरण रखनेवाली, कुशल गृहणी, भली और अपने-अपने पति के अधीन रहनेवाली हों, जिससे परमेश्वर के वचन की निंदा न हो।