Paz
A paz é um dos frutos do Espírito e uma promessa central de Jesus: 'Deixo-vos a paz, a minha paz vos dou.' A Bíblia nos chama a buscar, cultivar e viver na paz de Deus.
A paz de Cristo
Jesus é o Príncipe da Paz. Antes de partir, prometeu aos discípulos uma paz que o mundo não pode dar nem tirar — paz sobrenatural em meio às tribulações.
म तमक सनत दक जऊ ह, मर सनत तमक दऊ ह; जस दनय दव ह, म तमक न दऊ: तमर मन नरज न हय अर मत डरन।
म तमक सनत दक जऊ ह, मर सनत तमक दऊ ह; जस दनय दव ह, म तमक न दऊ: तमर मन नरज न हय अर मत डरन।
म न य बत हन तम स एकलन कह ह क तमक मर म सनत मल। दनय म तमक दख हव ह, पर हममत बध, म न दनय ख जत लय ह।"
म न य बत हन तम स एकलन कह ह क तमक मर म सनत मल। दनय म तमक दख हव ह, पर हममत बध, म न दनय ख जत लय ह।"
व इ बत कह ह रह हत क उ तम ह उनक कहय, "तम ख सनत मल।"
Paz com Deus
Justificados pela fé, temos paz com Deus por meio de Cristo. Ele é a nossa paz, que derrubou a barreira e nos reconciliou.
पर जब हम वसवस स धरम ठहर, त हम अपन परभ यस मस ख मधयम स सनत ह परमसवर क सग मल रख ह।
कहक उईच हमर सनत ह जन यहद अर गर यहद हन क एक कर दय अर दई ख ज अलग करन वल दवल हत ओख उनन गढ दय, नम क आदस ख रदद कर ख। अस तरक स उनन यहद हन अऊर गर यहद हन अपन म मल ख एक नय पड क रचन कर अऊर सनत बन ख रख।
मस न सल पर ज खन बहय, ओक दवर परमसवर न सनत क सथपन कर। यह परमसवर क सभ सकलप हत क वह मस क दवर सब कछ ख, चह वह जमन पर ह य सवरग म, अपन स मल करय।
उन सब क नम ज रम म परमसवर ख पयर ह अऊर सधद हन ख लन बलय गय ह: हमर बप परमसवर अर परभ यस मस क ओर स तम ख करप अर सनत मलत रय।
हमर बप परमसवर अऊर परभ यस मस क ओर स तम ख दय अर सनत मलह ह।
परमसवर बप अर हमर परभ यस मस क तरफ स तम ख दय अर अर सनत मलत रह।
A paz que excede o entendimento
A paz de Deus, que excede todo entendimento, guarda nosso coração e mente. Ela vem da confiança no Senhor e da entrega total a Ele.
कई भ बत क चनत मत कर; पर हर एक बत म तमर वनत, पररथन अर वनत ख दवर धनयवद क सग परमसवर क समन उपसथत करय जह। तब परमसवर क सनत, ज पर समझ स पर ह, तमर मन अर तमर वचर हन ख मस यस म चकख रख।
ज बत तम न म स सख ह, अर सवकर कर, अर सन ह, अर म म दख ह, उन ह क पलन कय कर ह, तब परमसवर ज सनत क सत ह तमर सग रहग।
ज बत तम न म स सख ह, अर सवकर कर, अर सन ह, अर म म दख ह, उन ह क पलन कय कर ह, तब परमसवर ज सनत क सत ह तमर सग रहग।
मस क सनत जक लन तम एक सरर ह ख बलय भ गय ह, तमर मन म रज कर; अर तम धनयवद बनय रह।
मस क सनत जक लन तम एक सरर ह ख बलय भ गय ह, तमर मन म रज कर; अर तम धनयवद बनय रह।
Promotores da paz
Bem-aventurados os pacificadores, porque serão chamados filhos de Deus. A Escritura nos chama a buscar e promover a paz em todos os relacionamentos.
"भल ह व, ज मल-जल करन वल ह;
कहक व परमसवर क अवलद कहलएग।"
"भल ह व, ज मल-जल करन वल ह;
कहक व परमसवर क अवलद कहलएग।"
जह तक ह सक ह, तम अपन ओर स सब क सग म मल जड सनत रखन बनय रख।
अऊर हम अस बत हन म लगय रह ज न सनत ख बढव मल अर जनक दवर हम एक दसर हन ख सधर कर सक ह।
कहक परमसवर क रज खन-पवन क न आय, पर धरम अर मलमलप अर उ सनत अर खस ह ज सधद आतम स हव ह।
सब स मल मलओ रख, अर उ सधदत क खज ह जक बन कई परभ क कभ न दखग।
सब स मल मलओ रख, अर उ सधदत क खज ह जक बन कई परभ क कभ न दखग।
कहक
"ज कई जनदग स पयर रखह ह,
अर अचछ दन दखन चह ह,
व अपन जभ ख बरई स,
अर अपन हठ हन ख धख क बत हन करन स रक रह।
उह बरई क सग छड, अर भलई ह कर;
व मल झल करन ढढ, अर ओख तयर म रह।
उह बरई क सग छड, अर भलई ह कर;
व मल झल करन ढढ, अर ओख तयर म रह।
O fruto da paz
A sabedoria que vem do alto é pacífica. O fruto da justiça se semeia em paz por aqueles que cultivam a paz com mansidão.
मलप करन वल धरम क फल मल-मलप क सग सनत स बवह ह।
मलप करन वल धरम क फल मल-मलप क सग सनत स बवह ह।
पर ज गयन ऊपर स आव ह उ पहल त सधद हव ह फर सनत स मलनसर कमल अर मदभव अर दय अर अचछ फल स लद वल अर पकछपत अर मन कपट रहत हव ह।
पर आतम क फल परम, खस, सनत, सबर, करप, भलई, भरस,
तरत म हर तरह क तडन खस क न, पर द: ख ह क बत दखई पड ह; तभ ज ओ ख सहत-सहत मजबत ह गय ह, बद म उन ख चन क सग धरम क फल मलह ह
Paz interior e descanso
Aquietai-vos e sabei que Eu sou Deus. A paz do Senhor acalma tempestades, silencia medos e sustenta a alma em todo tempo.
तब यस न उठक आध ख डटय, अर पन स कहय "सनत रह, रक ज!" अर हव रक गई अर बड चन आय;
यस न ओस कहय, "बट तर भरस न तख चकख कर दय ह: सनत स ज, अर अपन य बमर स बच रय ज।"
नन चकख ह, पर अद नन क सवद बगड जह, त ओख कय स खर बनह?
अपन म नन पन रख, अर आपस म मल जड ख रहन।
Anunciadores da paz
Como são formosos os pés dos que anunciam boas novas de paz! O evangelho é a mensagem de paz para todos os povos.
अर अगर भज न जह, त कस परचर कर? जस लख ह, "उन क पय क ह सनदर आय, ज भल बत हन क ससमचर लन ह।"
"आकस म परमसवर क महम अर जमन म पर
उन मनसय म ज स य खस ह, सनत हए।"
"धनय ह उ रज, ज परभ क नम स आव ह। सवरग म सनत अर आकस म महम हए!"
अर पय हन म मल क ससमचर क तयर क मचड पहन ख;
O Deus da paz
Que o Deus da paz esteja com todos vocês. Ele nos santifica por completo e nos guarda irrepreensíveis para a vinda do Senhor.
सनत क परमसवर तम सब क सग रह। आमन।
अब परभ ज सनत क सत आय तम इसन हन ख हर बखत अर हर तरक सनत तम ख दत रय! परभ तम सब क सग म रय!
अब सनत दत परमसवर, ज हमर परभ यस क ज भड क बड रखवल आय आखर वच क खन क गन स मर हओ म स जनद कर ख ल आय,
कहक परमसवर गडबड क न जन ह।
पर सनत क परमसवर ह। जस सधद अदम क सब कलसय हन म ह।
Paz, santidade e unidade
A paz exige esforço: guardar a unidade do Espírito, evitar contendas e buscar a santidade. Sem paz e santidade, ninguém verá o Senhor.
अर सनत क सत म बध ख व एकत ख, जख सधद आतम हमक दव ह, बन ख रखन क कसस करत रहन।
अर सनत क सत म बध ख व एकत ख, जख सधद आतम हमक दव ह, बन ख रखन क कसस करत रहन।
जनदग क मन मन क इचछ अर भग, अर ज सधद मन स परभ क नम लह उनक सग धरम, अर भरस, अर परम अर मल मलप क पछ कर।
अर अद कई ख कई पर दस दन क कई करन ह, त एक दसर क सहन कर लओ अर एक दसर ख गलत मप कर; जस परभ न तमर अपरध मफ करय वस ह तम भ कर।
जतत य बखत म चल उन क पर अर परमसवर क इसरएल पर सनत अर दय हत रह।
दय अर सनत अर परम त ख बज जद स परपत हत रह।
Paz e fé
O Deus da esperança nos encha de paz e alegria no crer. Quem mantém o pensamento firme no Senhor experimenta paz perfeita.
परमसवर ज आस क दत आय तमर वसवस करन म सब तरक क खस अर सनत अर धरज स परपरण करय, क सधद आतम क सकत स तमर आस बढ जह।
सरर पर मन लगन त मऊत ह, पर आतम पर मन लगन जनदग अर सनत ह।
सरर पर मन लगन त मऊत ह, पर आतम पर मन लगन जनदग अर सनत ह।
उन क रसत म नस अऊर दख ह,
उन ख सनत क रसत न मलम।
उन क आख हन क समन परमसवर ख डर न ह।"
पर ओ न बई स कहय, "तर वसवस न तख बच लय ह, सनत स चल ज"।
ज कई क घर म जह, पहल कह, ‘इ घर पर सनत ह’
न त ओक दर रह ह उ दत हन ख भज ख मलप करन चह।
अद उ घर क अदम लयक हए त तमर ख सनत उन पर मल पर अद व लयक न ह त तमर सनत तमर नजक लउट आह।
"अस न समझ क म जमन प सनत ल कर आय ह; म मलन करन न, पर तलवर चलन आय ह।
आखर म, अर मर भई बहन हन, खस रह; सधद बनत ज; धरज रख; एक ह मन रख; मल ख रवह। अर परम सनत क दत परमसवर तमर सग हए।
क अधकर अर मतय क छव म बठन वल क जयत द,
अर हमर पर क सनत रसत म सध हमक चलय।"
त त अपन पतर म कसल क सथ मल जएग; त ख पर बढप म मठट द जएग।
पयर करन क बखत, अऊर गसस करन क भ बखत;
लडई क बखत अऊर सत क भ बखत ह।
ओक चतरई क वज स ओ क छल सफल हएग, अऊर ऊ खद घमड म रह ख ढर सर इसन हन क नस करग ऊ सब "ससक क ससक" क खलप भ खड हएग; पर खतम ख ऊ कई क हत स मर बन खए टट जएग।
सकन क बखत ऊ सवन क उततम स उततम जग हन प चढई करग; अऊर ज कम न ओक परख अऊर न ओक परख हन क परख हन करत र, ओ ख ऊ करग; अऊर लट वल धन-दलत उन म बज बट करग। ऊ कछ बखत लक पकक सहर हन क लवन क वचर करत रहग।
अगर ज अदम वसवस न रख, ह पर उ अलग हव ह त अलग ह दई, अस मजबर म कई भई य बहन बनधन म न। परमसवर न हम ख मल मलप क लन बलय गय ह।
फर एक अऊर घड नकलय ज लल रग क हत; ओपर सवर क अस हक दय गय क धरत पर स मल-जल उठ ल, तक अदम एक दसर ख मरन कटन कर; अर ओख एक बड जत तलवर दय गय ह।