Proximidade
Deus é próximo dos que o buscam. Ele não é um Deus distante, mas presente, íntimo e acessível a todo o que o invoca com sinceridade de coração.
Buscar a presença de Deus
A Bíblia nos exorta a buscar a face do Senhor continuamente. Quem se aproxima dele encontra plenitude de alegria e delícias perpétuas.
यहव और उसक समरथय क खज;
उसक दरशन क नरतर खज बन रह।
मन यहव स एक वर मग ह,
म उस क यतन म लग रहग :
क म जवन भर यहव क भवन म ह वस कर,
जसस यहव क मनहरत क नहरत रह
और उसक मदर म उसक धयन करत रह।
तर आगन म एक दन बतन
कह और क हज़र दन स उततम ह।
दषट क डर म वस करन क अपकष
अपन परमशवर क भवन क दवर पर
खड़ रहन मझ अधक परय ह।
त मझ जवन क मरग दखएग;
तर उपसथत म आनद क भरपर ह,
तर दहन हथ म सख सरवद बन रहत ह।
Deus está perto
O Senhor está perto dos que o invocam, dos quebrantados de coração e dos que clamam por socorro. Sua presença nos sustenta.
धरम पकरत ह और यहव सनत ह,
और उनह उनक सर वपततय स छड़त ह।
यहव टट मनवल क नकट रहत ह,
और पस हओ क उदधर करत ह।
तमहर शलनत सब मनषय पर परकट ह। परभ नकट ह।
परत अब मसह यश म तम ज पहल दर थ मसह क लह क दवर नकट लए गए ह।
नशचय भलई और करण जवन भर
मर सथ-सथ बन रहग;
और म यहव क घर म सरवद वस करग।
A presença que nunca abandona
Deus promete nunca nos deixar. Ele permanece fiel, está conosco em todo tempo e envia o Espírito para habitar em nossos corações.
म तमह अनथ नह छड़ग, म तमहर पस आऊग।
अब शत क परभ सवय तमह हर परसथत म नरतर शत दत रह। परभ तम सब क सथ रह।
अतत ह भइय, आनदत रह, सदध हत जओ, परतसहत रह, एक मन रख, मल-मलप स रह; और परम तथ शत क परमशवर तमहर सथ रहग।
उसन अपन आतम म स हम दय ह, इसलए हम जनत ह क हम उसम बन रहत ह और वह हमम।
परमशवर क कस न कभ नह दख; परमशवर अरथत एकलत पतर ज पत क गद म ह, उस न उस परकट कय।
मस वह यहव क सथ चलस दन और चलस रत रह, उसन न त रट खई और न पन पय; और उसन उन पटयओ पर वच क वचन अरथत दस आजञए लख द।
और वह क बमर क सवसथ कर, और उनस कह, ‘परमशवर क रजय तमहर नकट आ गय ह।’