Sabedoria
A sabedoria é um dos temas mais ricos da Bíblia. O temor do Senhor é seu princípio, e buscá-la vale mais que ouro ou prata. Deus promete dar sabedoria generosamente a quem pedir com fé.
O princípio da sabedoria
O temor do Senhor é o início de toda sabedoria verdadeira. Quem reverencia a Deus aprende a viver com discernimento e prudência.
यहोवा का भय मानना बुद्धि का मूल हैयहोवा का भय मानना बुद्धि का मूल है: बुद्धि का आरम्भ श्रद्धा एवं आदर के स्वभाव में पाया जाता है। अनन्त व्यक्तित्व की उपस्थिति में सीमित मनुष्य के मन में उत्पन्न भय। ;
बुद्धि और शिक्षा को मूर्ख लोग ही तुच्छ जानते हैं।
यहोवा का भय मानना बुद्धि का आरम्भ है,
और परमपवित्र परमेश्वर को जानना ही समझ है।
यहोवा के भय मानने से बुद्धि की शिक्षा प्राप्त होती है,
और महिमा से पहले नम्रता आती है।
बुद्धि का मूल यहोवा का भय है;
जितने उसकी आज्ञाओं को मानते हैं,
उनकी समझ अच्छी होती है।
उसकी स्तुति सदा बनी रहेगी।
"परन्तु बुद्धि कहाँ मिल सकती है?
और समझ का स्थान कहाँ है?
उसका मोल मनुष्य को मालूम नहीं,
जीवनलोक में वह कहीं नहीं मिलती!
अथाह सागर कहता है, ‘वह मुझ में नहीं है,’
और समुद्र भी कहता है, ‘वह मेरे पास नहीं है।’
शुद्ध सोने से वह मोल लिया नहीं जाता।
और न उसके दाम के लिये चाँदी तौली जाती है।
न तो उसके साथ ओपीर के कुन्दन की बराबरी हो सकती है;
और न अनमोल सुलैमानी पत्थर या नीलमणि की।
न सोना, न काँच उसके बराबर ठहर सकता है,
कुन्दन के गहने के बदले भी वह नहीं मिलती। (नीति. 8:10)
मूँगे और स्फटिकमणि की उसके आगे क्या चर्चा!
बुद्धि का मोल माणिक से भी अधिक है।
कूश देश के पद्मराग उसके तुल्य नहीं ठहर सकते;
और न उससे शुद्ध कुन्दन की बराबरी हो सकती है। (नीति. 8:19)
फिर बुद्धि कहाँ मिल सकती है?
और समझ का स्थान कहाँ?
वह सब प्राणियों की आँखों से छिपी है,
और आकाश के पक्षियों के देखने में नहीं आती।
विनाश और मृत्यु कहती हैं,
‘हमने उसकी चर्चा सुनी है।’ (प्रका. 9:11)
Sabedoria como dom de Deus
A verdadeira sabedoria vem do alto. Deus a concede generosamente a quem pede com fé, sem lançar em rosto a fraqueza humana.
पर यदि तुम में से किसी को बुद्धि की घटी हो, तो परमेश्वर से माँगो, जो बिना उलाहना दिए सब को उदारता से देता है; और उसको दी जाएगी।
पर यदि तुम में से किसी को बुद्धि की घटी हो, तो परमेश्वर से माँगो, जो बिना उलाहना दिए सब को उदारता से देता है; और उसको दी जाएगी।
पर यदि तुम में से किसी को बुद्धि की घटी हो, तो परमेश्वर से माँगो, जो बिना उलाहना दिए सब को उदारता से देता है; और उसको दी जाएगी।
क्योंकि बुद्धि यहोवा ही देता हैक्योंकि बुद्धि यहोवा ही देता है: मनुष्य अपने प्रयास से बुद्धि प्राप्त नहीं कर सकता है। परमेश्वर ही है जो बुद्धि अपनी भलाई के नियमों के अनुसार देता है।;
ज्ञान और समझ की बातें उसी के मुँह से निकलती हैं। (याकू. 1:5)
क्योंकि बुद्धि यहोवा ही देता हैक्योंकि बुद्धि यहोवा ही देता है: मनुष्य अपने प्रयास से बुद्धि प्राप्त नहीं कर सकता है। परमेश्वर ही है जो बुद्धि अपनी भलाई के नियमों के अनुसार देता है।;
ज्ञान और समझ की बातें उसी के मुँह से निकलती हैं। (याकू. 1:5)
यदि तू प्रवीणता और समझ के लिये अति यत्न से पुकारे,
तो तू यहोवा के भय को समझेगा,
और परमेश्वर का ज्ञान तुझे प्राप्त होगा।
हे मेरे पूर्वजों के परमेश्वर,
मैं तेरा धन्यवाद और स्तुति करता हूँ,
क्योंकि तूने मुझे बुद्धि और शक्ति दी है,
और जिस भेद का खुलना हम लोगों ने तुझ से माँगा था,
उसे तूने मुझ पर प्रगट किया है,
तूने हमको राजा की बात बताई है।"
"परमेश्वर का नाम युगानुयुग धन्य है;
क्योंकि बुद्धि और पराक्रम उसी के हैं।
और परमेश्वर ने उन चारों जवानों को सब शास्त्रों, और सब प्रकार की विद्याओं में बुद्धिमानी और प्रवीणता दी; और दानिय्येल सब प्रकार के दर्शन और स्वप्न के अर्थ का ज्ञानी हो गया। (याकू. 1:5,17)
A sabedoria do alto
A sabedoria que vem de Deus é pura, pacífica, amável, cheia de misericórdia e de bons frutos. Ela se opõe à sabedoria terrena e mundana.
पर जो ज्ञान ऊपर से आता है वह पहले तो पवित्र होता है फिर मिलनसार, कोमल और मृदुभाव और दया, और अच्छे फलों से लदा हुआ और पक्षपात और कपटरहित होता है।
पर जो ज्ञान ऊपर से आता है वह पहले तो पवित्र होता है फिर मिलनसार, कोमल और मृदुभाव और दया, और अच्छे फलों से लदा हुआ और पक्षपात और कपटरहित होता है।
पर जो ज्ञान ऊपर से आता है वह पहले तो पवित्र होता है फिर मिलनसार, कोमल और मृदुभाव और दया, और अच्छे फलों से लदा हुआ और पक्षपात और कपटरहित होता है।
तुम में ज्ञानवान और समझदार कौन है? जो ऐसा हो वह अपने कामों को अच्छे चाल-चलन से उस नम्रता सहित प्रगट करे जो ज्ञान से उत्पन्न होती है।
फिर भी सिद्ध लोगों में हम ज्ञान सुनाते हैं परन्तु इस संसार का और इस संसार के नाश होनेवाले हाकिमों का ज्ञान नहीं; परन्तु हम परमेश्वर का वह गुप्त ज्ञान, भेद की रीति पर बताते हैं, जिसे परमेश्वर ने सनातन से हमारी महिमा के लिये ठहराया।
परन्तु हम तो उस क्रूस पर चढ़ाए हुए मसीह का प्रचार करते हैं जो यहूदियों के निकट ठोकर का कारण, और अन्यजातियों के निकट मूर्खता है; परन्तु जो बुलाए हुए हैं क्या यहूदी, क्या यूनानी, उनके निकट मसीह परमेश्वर की सामर्थ्य, और परमेश्वर का ज्ञान है। क्योंकि परमेश्वर की मूर्खता मनुष्यों के ज्ञान से ज्ञानवान है; और परमेश्वर की निर्बलता मनुष्यों के बल से बहुत बलवान है।
कोई अपने आपको धोखा न दे। यदि तुम में से कोई इस संसार में अपने आपको ज्ञानी समझे, तो मूर्ख बने कि ज्ञानी हो जाए।
कोई अपने आपको धोखा न दे। यदि तुम में से कोई इस संसार में अपने आपको ज्ञानी समझे, तो मूर्ख बने कि ज्ञानी हो जाए।
ताकि उनके मनों को प्रोत्साहन मिले और वे प्रेम से आपस में गठे रहें, और वे पूरी समझ का सारा धन प्राप्त करें, और परमेश्वर पिता के भेद को अर्थात् मसीह को पहचान लें। जिसमें बुद्धि और ज्ञान के सारे भण्डार छिपे हुए हैं।
Direção e discernimento
Deus guia os humildes na justiça e ensina seu caminho aos mansos. Ele promete dirigir nossos passos quando confiamos nele de todo o coração.
तू अपनी समझ का सहारा न लेना,
वरन् सम्पूर्ण मन से यहोवा पर भरोसा रखनायहोवा पर भरोसा रखना: परमेश्वर की इच्छा में भरोसा रखना- सच्ची महानता का रहस्य अपनी सब चिन्ताओं, योजनाओं तथा भय से उभरना है। हम अपने स्वयं को अपना भाग्य विधाता समझते है तो अपनी ही समझ का सहारा लेते है। ।
उसी को स्मरण करके सब काम करना,
तब वह तेरे लिये सीधा मार्ग निकालेगा।
अपनी दृष्टि में बुद्धिमान न होना;
यहोवा का भय मानना, और बुराई से अलग रहना। (रोम. 12:16)
मैं तुझे बुद्धि दूँगा, और जिस मार्ग में तुझे
चलना होगा उसमें तेरी अगुआई करूँगा;
मैं तुझ पर कृपादृष्टि रखूँगा
और सम्मति दिया करूँगा।
वह नम्र लोगों को न्याय की शिक्षा देगा,
हाँ, वह नम्र लोगों को अपना मार्ग दिखलाएगा।
हे यहोवा, अपने मार्ग मुझ को दिखा;
अपना पथ मुझे बता दे।
मुझे अपने सत्य पर चला और शिक्षा दे,
क्योंकि तू मेरा उद्धार करनेवाला परमेश्वर है;
मैं दिन भर तेरी ही बाट जोहता रहता हूँ।
मनुष्य की गति यहोवा की
ओर से दृढ़ होती हैमनुष्य की गति यहोवा की ओर से दृढ़ होती है: अर्थात् उसके जीवन का मार्ग यहोवा की अगुआई और नियंत्रण में है। ,
और उसके चलन से वह प्रसन्न रहता है;
प्रातःकालप्रातःकाल: अर्थात् अति शीघ्र, अविलम्ब, प्रातःकाल की प्रथम किरण पर ही। इसे ऐसा कर दे कि वह दिन की सर्वप्रथम बात हो। को अपनी करुणा की बात मुझे सुना,
क्योंकि मैंने तुझी पर भरोसा रखा है।
जिस मार्ग पर मुझे चलना है, वह मुझ को बता दे,
क्योंकि मैं अपना मन तेरी ही ओर लगाता हूँ।
मुझ को यह सिखा, कि मैं तेरी इच्छा कैसे पूरी करूँ, क्योंकि मेरा परमेश्वर तू ही है!
तेरी भली आत्मा मुझ को धर्म के मार्ग में ले चलेतेरी भली आत्मा मुझ को धर्म के मार्ग में ले चले: अब मार्ग में जहाँ मैं वर्तमान के संकटों से मुक्त होकर चलूँ। !
हे यहोवा, मुझे अपने नाम के निमित्त जिला!
तू जो धर्मी है, मुझ को संकट से छुड़ा ले!
हे यहोवा, अपना मार्ग मुझे सिखा,
और मेरे द्रोहियों के कारण मुझ को चौरस रास्ते पर ले चल। (भज. 5:8)
A Palavra como fonte de sabedoria
A Palavra de Deus é lâmpada para os pés e luz para o caminho. Meditar nas Escrituras nos dá entendimento superior ao dos mestres.
तेरा वचन मेरे पाँव के लिये दीपक,
और मेरे मार्ग के लिये उजियाला है।
तेरा वचन मेरे पाँव के लिये दीपक,
और मेरे मार्ग के लिये उजियाला है।
मेरी आँखें खोल दे, कि मैं तेरी व्यवस्था की
अद्भुत बातें देख सकूँ।
तेरी बातों के खुलने से प्रकाश होता हैतेरी बातों के खुलने से प्रकाश होता है: घर में प्रवेश के लिए द्वार खोला जाता है, नगर में प्रवेश के लिए फाटक अत: परमेश्वर की बातों के खुलने का अर्थ है कि हम उनमें घुसकर उसकी सुन्दरता को देखें। ;
उससे निर्बुद्धि लोग समझ प्राप्त करते हैं।
क्या ही धन्य है वह मनुष्य जो दुष्टों की योजना परयोजना पर: पाप करनेवालों की राय नहीं मानता है। वह उनके विचारों और सुझावों के अनुसार अपना जीवन नहीं जीता है। नहीं चलता,
और न पापियों के मार्ग में खड़ा होता;
और न ठट्ठा करनेवालों की मण्डली में बैठता है!
परन्तु वह तो यहोवा की व्यवस्था से प्रसन्न रहता;
और उसकी व्यवस्था पर रात-दिन ध्यान करता रहता है।
मसीह के वचन को अपने हृदय में अधिकाई से बसने दो; और सिद्ध ज्ञान सहित एक दूसरे को सिखाओ, और चिताओ, और अपने-अपने मन में कृतज्ञता के साथ परमेश्वर के लिये भजन और स्तुतिगान और आत्मिक गीत गाओ।
वह तेरे चलने में तेरी अगुआई,
और सोते समय तेरी रक्षा,
और जागते समय तुझे शिक्षा देगी।
Sabedoria prática para o dia a dia
A sabedoria se aplica em cada decisão: nas finanças, nos relacionamentos, no trabalho e no uso do tempo. Vivamos como sábios, não como insensatos.
इसलिए ध्यान से देखो, कि कैसी चाल चलते हो; निर्बुद्धियों के समान नहीं पर बुद्धिमानों के समान चलो। और अवसर को बहुमूल्य समझो, क्योंकि दिन बुरे हैं। (आमो. 5:13, कुलु. 4:5)
इसलिए ध्यान से देखो, कि कैसी चाल चलते हो; निर्बुद्धियों के समान नहीं पर बुद्धिमानों के समान चलो। और अवसर को बहुमूल्य समझो, क्योंकि दिन बुरे हैं। (आमो. 5:13, कुलु. 4:5)
सम्मति को सुन ले, और शिक्षा को ग्रहण कर,
ताकि तू अपने अन्तकाल में बुद्धिमान ठहरे।
सम्मति को सुन ले, और शिक्षा को ग्रहण कर,
ताकि तू अपने अन्तकाल में बुद्धिमान ठहरे।
जो बुद्धि प्राप्त करता, वह अपने प्राण को प्रेमी ठहराता है;
और जो समझ को रखे रहता है उसका कल्याण होता है।
सब कल्पनाएँ सम्मति ही से स्थिर होती हैं;
और युक्ति के साथ युद्ध करना चाहिये।
इसलिए जब तू युद्ध करे, तब युक्ति के साथ करना,
विजय बहुत से मंत्रियों के द्वारा प्राप्त होती है।
जो विलम्ब से क्रोध करनेवाला है वह बड़ा समझवाला है,
परन्तु जो अधीर होता है, वह मूर्खता को बढ़ाता है।
अहंकार से केवल झगड़े होते हैं,
परन्तु जो लोग सम्मति मानते हैं, उनके पास बुद्धि रहती है।
जो अपने मुँह की चौकसी करता है, वह अपने प्राण की रक्षा करता है,
परन्तु जो गाल बजाता है उसका विनाश हो जाता है।
मूर्ख को अपनी ही चाल सीधी जान पड़ती है,
परन्तु जो सम्मति मानता, वह बुद्धिमान है।
जब अभिमान होता, तब अपमान भी होता है,
परन्तु नम्र लोगों में बुद्धि होती है।
जो बुद्धिमान है, वह आज्ञाओं को स्वीकार करता है,
परन्तु जो बकवादी मूर्ख है, उसका नाश होता है।
समझवाले का मन ज्ञान प्राप्त करता है;
और बुद्धिमान ज्ञान की बात की खोज में रहते हैं।
मूर्ख का मन समझ की बातों में नहीं लगता,
वह केवल अपने मन की बात प्रगट करना चाहता हैवह केवल अपने मन की बात प्रगट करना चाहता है: मूर्ख को सुख नहीं मिलता परन्तु अपनी ही बात पर बल देना, अपने बारे में और अपने विचार प्रगट करने में उसका परमानन्द है।।
मूर्ख भी जब चुप रहता है, तब बुद्धिमान गिना जाता है;
और जो अपना मुँह बन्द रखता वह समझवाला गिना जाता है।
कि बुद्धिमान सुनकर अपनी विद्या बढ़ाए,
और समझदार बुद्धि का उपदेश पाए,
अवसर को बहुमूल्य समझकर बाहरवालों के साथ बुद्धिमानी से बर्ताव करो। तुम्हारा वचन सदा अनुग्रह सहित और सुहावना हो, कि तुम्हें हर मनुष्य को उचित रीति से उत्तर देना आ जाए।
अवसर को बहुमूल्य समझकर बाहरवालों के साथ बुद्धिमानी से बर्ताव करो। तुम्हारा वचन सदा अनुग्रह सहित और सुहावना हो, कि तुम्हें हर मनुष्य को उचित रीति से उत्तर देना आ जाए।
और जो कुछ तुम करते हो, तन मन से करो, यह समझकर कि मनुष्यों के लिये नहीं परन्तु प्रभु के लिये करते हो। क्योंकि तुम जानते हो कि तुम्हें इसके बदले प्रभु से विरासत मिलेगी। तुम प्रभु मसीह की सेवा करते हो।
O valor da sabedoria
A sabedoria é mais preciosa que rubis. Quem a encontra, encontra a vida e alcança o favor do Senhor. Nada se compara a ela.
क्या ही धन्य है वह मनुष्य जो बुद्धि पाए, और वह मनुष्य जो समझ प्राप्त करे,
क्योंकि जो मुझे पाता है, वह जीवन को पाता है,
और यहोवा उससे प्रसन्न होता है।
बुद्धि की प्राप्ति शुद्ध सोने से क्या ही उत्तम है!
और समझ की प्राप्ति चाँदी से बढ़कर योग्य है।
मनुष्य मन में अपने मार्ग पर विचार करता है,
परन्तु यहोवा ही उसके पैरों को स्थिर करता है।
मन की युक्ति मनुष्य के वश में रहती है,
परन्तु मुँह से कहना यहोवा की ओर से होता है।
क्योंकि बुद्धि की आड़बुद्धि की आड़: अर्थात् जो अपनी बुद्धि के द्वारा बैरी से रक्षा करता है वह उतना ही अच्छा स्थान है जितना कि जो अपने धन से रक्षा करता है। रुपये की आड़ का काम देता है;
परन्तु ज्ञान की श्रेष्ठता यह है कि बुद्धि से उसके रखनेवालों के प्राण की रक्षा होती है।
यह न कहना, "बीते दिन इनसे क्यों उत्तम थे?"
क्योंकि यह तू बुद्धिमानी से नहीं पूछता।
जो मनुष्य परमेश्वर की दृष्टि में अच्छा है, उसको वह बुद्धि और ज्ञान और आनन्द देता है; परन्तु पापी को वह दुःख भरा काम ही देता है कि वह उसको देने के लिये संचय करके ढेर लगाए जो परमेश्वर की दृष्टि में अच्छा हो। यह भी व्यर्थ और वायु को पकड़ना हैयह भी व्यर्थ और वायु को पकड़ना है: यहाँ तक कि परमेश्वर के सर्वोत्तम वरदान, बुद्धि, ज्ञान और आनन्द उस उद्देश्य के लिए हमेशा प्रभावशाली नहीं होते जिसके लिए उन्हें दिया जाता है।।
जो काम तुझे मिले उसे अपनी शक्ति भर करना, क्योंकि अधोलोक मेंक्योंकि अधोलोक में: हम यहाँ शरीर और प्राण की शक्ति से जो काम करते है मृत्यु के साथ समाप्त हो जाते हैं और शरीर और प्राण एक साथ शिथिल हो जाते है। जहाँ तू जानेवाला है, न काम न युक्ति न ज्ञान और न बुद्धि है।
A sabedoria e a soberania de Deus
Os caminhos de Deus são mais altos que os nossos. Sua sabedoria é insondável, eterna e infinitamente superior ao entendimento humano.
क्योंकि मेरी और तुम्हारी गति में और मेरे और तुम्हारे सोच विचारों में, आकाश और पृथ्वी का अन्तर है।
क्योंकि यहोवा कहता है, मेरे विचार और तुम्हारे विचार एक समान नहीं है, न तुम्हारी गति और मेरी गति एक सी है। (रोम. 11:33)
क्या तुम नहीं जानते? क्या तुम ने नहीं सुना? यहोवा जो सनातन परमेश्वर और पृथ्वी भर का सृजनहार है, वह न थकता, न श्रमित होता है, उसकी बुद्धि अगम है।
क्या तुम नहीं जानते? क्या तुम ने नहीं सुना? यहोवा जो सनातन परमेश्वर और पृथ्वी भर का सृजनहार है, वह न थकता, न श्रमित होता है, उसकी बुद्धि अगम है।
प्रभु यहोवा ने मुझे सीखनेवालों की जीभ दी है कि मैं थके हुए को अपने वचन के द्वारा सम्भालना जानूँ। भोर को वह नित मुझे जगाता और मेरा कान खोलता हैमेरा कान खोलता है: कान खोलने का अर्थ है कि निर्देशनों को ग्रहण करने के लिए किसी को तैयार करना। कि मैं शिष्य के समान सुनूँ।
हाय उन पर जो सहायता पाने के लिये मिस्र को जाते हैं और घोड़ों का आसरा करते हैं; जो रथों पर भरोसा रखते क्योंकि वे बहुत हैं, और सवारों पर, क्योंकि वे अति बलवान हैं, पर इस्राएल के पवित्र की ओर दृष्टि नहीं करते और न यहोवा की खोज करते हैं! परन्तु वह भी बुद्धिमान हैपरन्तु वह भी बुद्धिमान है: परमेश्वर बुद्धिमान है। उसे धोखा देना व्यर्थ है, या उससे छिपकर कुछ करना व्यर्थ है। और दुःख देगा, वह अपने वचन न टालेगा, परन्तु उठकर कुकर्मियों के घराने पर और अनर्थकारियों के सहायकों पर भी चढ़ाई करेगा।
यह भी सेनाओं के यहोवा की ओर से नियुक्त हुआ है, वह अद्भुत युक्तिवाला और महाबुद्धिमान है।
और यहोवा की आत्मा, बुद्धि और समझ की आत्मा, युक्ति और पराक्रम की आत्मा, और ज्ञान और यहोवा के भय की आत्मा उस पर ठहरी रहेगी। (इफि. 1:17, यशा. 42:1, यूह. 14:17) ओर उसको यहोवा का भय सुगन्ध—सा भाएगा।
वह मुँह देखा न्याय न करेगा और न अपने कानों के सुनने के अनुसार निर्णय करेगा; (यूह. 8:15,16, यूह. 7:24)
यहोवा तुझे लगातार लिए चलेगा, और अकाल के समय तुझे तृप्त और तेरी हड्डियों को हरी भरी करेगाअकाल के समय तुझे तृप्त .... करेगा: कहने का अर्थ है कि परमेश्वर उनके लिए ऐसा प्रावधान करेगा जैसे विपुल वर्षा और सुखदाई जल के झरने फूट निकले हैं। ; और तू सींची हुई बारी और ऐसे सोते के समान होगा जिसका जल कभी नहीं सूखता। (यूह. 7:38)
अहा, परमेश्वर का धन और बुद्धि और ज्ञान क्या ही गम्भीर है! उसके विचार कैसे अथाह, और उसके मार्ग कैसे अगम हैं!
उसी एकमात्र अद्वैत बुद्धिमान परमेश्वर की यीशु मसीह के द्वारा युगानुयुग महिमा होती रहे। आमीन।
और हम जानते हैं, कि जो लोग परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, उनके लिये सब बातें मिलकर भलाई ही को उत्पन्न करती हैं; अर्थात् उन्हीं के लिये जो उसकी इच्छा के अनुसार बुलाए हुए हैं।
हे यहोवा, तेरे काम अनगिनत हैं!
इन सब वस्तुओं को तूने बुद्धि से बनाया है;
पृथ्वी तेरी सम्पत्ति से परिपूर्ण है।
हमारा प्रभु महान और अति सामर्थी है;
उसकी बुद्धि अपरम्पार है।
तू सम्मति देता हुआ, मेरी अगुआई करेगा,
और तब मेरी महिमा करके मुझ को अपने पास रखेगा।
हमको अपने दिन गिनने की समझ देहमको अपने दिन गिनने की समझ दे: उसकी प्रार्थना है कि परमेश्वर हमें निर्देश दे कि हम अपने दिनों की उचित गणना करें। उनकी संख्या, उनके समाप्त होने की शीघ्रता को कि अन्त शीघ्र ही आनेवाला है और भावी दशा पर उनका क्या प्रभाव पड़ेगा। कि हम बुद्धिमान हो जाएँ।
धर्मी अपने मुँह से बुद्धि की बातें करता,
और न्याय का वचन कहता है।
यहोवा को अपने सुख का मूल जान,
और वह तेरे मनोरथों को पूरा करेगा। (मत्ती 6:33)
हे यहोवा, मेरे शत्रुओं के कारण अपने धार्मिकता के मार्ग में मेरी अगुआई कर;
मेरे आगे-आगे अपने सीधे मार्ग को दिखा।
तू मुझे जीवन का रास्ता दिखाएगा;
तेरे निकट आनन्द की भरपूरी है,
तेरे दाहिने हाथ में सुख सर्वदा बना रहता है। (प्रेरि. 2:25-28)
वे आँसू बहाते हुए आएँगे और गिड़गिड़ाते हुए मेरे द्वारा पहुँचाए जाएँगे, मैं उन्हें नदियों के किनारे-किनारे से और ऐसे चौरस मार्ग से ले आऊँगा, जिससे वे ठोकर न खाने पाएँगे; क्योंकि मैं इस्राएल का पिता हूँ, और एप्रैम मेरा जेठा हैएप्रैम मेरा जेठा है: यूसुफ का घराना उसकी पूर्वप्रतिष्ठा पुनः प्राप्त करेगा। । (1 कुरि. 6:18)
हे यहोवा, मैं जान गया हूँ, कि मनुष्य का मार्ग उसके वश में नहीं है, मनुष्य चलता तो है, परन्तु उसके डग उसके अधीन नहीं हैं।
उसी ने पृथ्वी को अपनी सामर्थ्य से बनाया, उसने जगत को अपनी बुद्धि से स्थिर किया, और आकाश को अपनी प्रवीणता से तान दिया है।
कल के दिन के विषय में डींग मत मार,
क्योंकि तू नहीं जानता कि दिन भर में क्या होगा। (याकू. 4:13,14)
बुरे लोग न्याय को नहीं समझ सकते,
परन्तु यहोवा को ढूँढ़नेवाले सब कुछ समझते हैं।
अब जो ऐसा सामर्थी है, कि हमारी विनती और समझ से कहीं अधिक काम कर सकता है, उस सामर्थ्य के अनुसार जो हम में कार्य करता है, कलीसिया में, और मसीह यीशु में, उसकी महिमा पीढ़ी से पीढ़ी तक युगानुयुग होती रहे। आमीन।
अब तीसरी बार तुम्हारे पास आता हूँ: दो या तीन गवाहों के मुँह से हर एक बात ठहराई जाएगी। (व्यव. 19:15)
और तुम उस उपदेश को जो तुम को पुत्रों के समान दिया जाता है, भूल गए हो:
"हे मेरे पुत्र, प्रभु की ताड़ना को हलकी बात न जान,
और जब वह तुझे घुड़के तो साहस न छोड़।
क्योंकि प्रभु, जिससे प्रेम करता है, उसको अनुशासित भी करता है;
और जिसे पुत्र बना लेता है, उसको ताड़ना भी देता है।"
इसलिए, हे भाइयों, जो-जो बातें सत्य हैं, और जो-जो बातें आदरणीय हैं, और जो-जो बातें उचित हैं, और जो-जो बातें पवित्र हैं, और जो-जो बातें सुहावनी हैं, और जो-जो बातें मनभावनी हैं, अर्थात्, जो भी सद्गुण और प्रशंसा की बातें हैं, उन्हीं पर ध्यान लगाया करो।
अतः कल के लिये चिन्ता न करो, क्योंकि कल का दिन अपनी चिन्ता आप कर लेगा; आज के लिये आज ही का दुःख बहुत है।
दक्षिण की रानीदक्षिण की रानी: शिबा की रानी (1 राजा 10:1,2 इतिहास 9:1) न्याय के दिन इस युग के लोगों के साथ उठकर उन्हें दोषी ठहराएगी, क्योंकि वह सुलैमान का ज्ञान सुनने के लिये पृथ्वी के छोर से आई, और यहाँ वह है जो सुलैमान से भी बड़ा है।
"इसलिए जो कोई मेरी ये बातें सुनकर उन्हें मानता है वह उस बुद्धिमान मनुष्य के समान ठहरेगा जिसने अपना घर चट्टान पर बनाया।
क्योंकि मैं तुम्हें ऐसा बोल और बुद्धि दूँगा, कि तुम्हारे सब विरोधी सामना या खण्डन न कर सकेंगे।
मुँह देखकर न्याय न करो, परन्तु ठीक-ठीक न्याय करो।" (यशा. 11:3, यूह. 8:15)
यहोवा ने पृथ्वी की नींव बुद्धि ही से डाली;
और स्वर्ग को समझ ही के द्वारा स्थिर किया।
बूढ़ों में बुद्धि पाई जाती है,
और लम्बी आयु वालों में समझ होती तो है।
"परमेश्वर में पूरी बुद्धि और पराक्रम पाए जाते हैं;
युक्ति और समझ उसी में हैं।
तब अय्यूब ने कहा,
"मैं निश्चय जानता हूँ कि बात ऐसी ही है;
परन्तु मनुष्य परमेश्वर की दृष्टि में कैसे धर्मी ठहर सकता हैमनुष्य परमेश्वर की दृष्टि में कैसे धर्मी ठहर सकता है: अर्थात् परमेश्वर की दृष्टि में मनुष्य को पूर्ण पवित्र नहीं माना जा सकता है। ?
चाहे वह उससे मुकद्दमा लड़ना भी चाहे
तो भी मनुष्य हजार बातों में से एक का भी उत्तर न दे सकेगा।
परमेश्वर बुद्धिमान और अति सामर्थी है:
उसके विरोध में हठ करके कौन कभी प्रबल हुआ है?
हे मनुष्य, वह तुझे बता चुका है कि अच्छा क्या है; और यहोवा तुझ से इसे छोड़ और क्या चाहता है, कि तू न्याय से काम करे, और कृपा से प्रीति रखे, और अपने परमेश्वर के साथ नम्रता से चले? (मत्ती 23:23, यशा. 1:17)
और उसने न्यायियों से कहा, "सोचो कि क्या करते हो, क्योंकि तुम जो न्याय करोगे, वह मनुष्य के लिये नहीं, यहोवा के लिये करोगे; और वह न्याय करते समय तुम्हारे साथ रहेगा।
और यह नहीं जानते कि कल क्या होगा। सुन तो लो, तुम्हारा जीवन है ही क्या? तुम तो मानो धुंध के समान हो, जो थोड़ी देर दिखाई देती है, फिर लोप हो जाती है। (नीति. 27:1)