O sangue de Jesus
O sangue de Jesus é o fundamento da redenção cristã. Através do seu sangue derramado na cruz, recebemos perdão, purificação e acesso à presença de Deus.
O poder redentor do sangue
O sangue de Cristo é o preço do nosso resgate. Sem derramamento de sangue não há remissão de pecados, e Cristo ofereceu o sacrifício perfeito e definitivo.
व्यवस्था के अनुसार प्रायः सब वस्तुएँ लहू के द्वारा शुद्ध की जाती हैं, और बिना लहू बहाए पापों की क्षमा है ही नहीं।
क्योंकि यदि बकरों और बैलों का लहू तथा कलोर की राख का अशुद्ध लोगों पर छिड़का जाना उन्हें देह की शुद्धता के लिए पवित्र करता है, तो मसीह, जिसने अपने आपको अनंत आत्मा के द्वारा परमेश्वर के सामने निर्दोष चढ़ा दिया, उसका लहू हमारे विवेक को मरे हुए कार्यों से कितना अधिक शुद्ध करेगा ताकि हम जीवित परमेश्वर की सेवा कर सकें।
क्योंकि बैलों और बकरों के लहू से पापों को दूर करना असंभव है।
इसी कारण यीशु ने भी लोगों को अपने लहू के द्वारा पवित्र करने के लिए फाटक के बाहर दुःख उठाया।
तथा नई वाचा के मध्यस्थ यीशु, और छिड़के हुए उस लहू के पास आए हो जो हाबिल के लहू से उत्तम बातें कहता है।
Perdão e purificação
O sangue de Jesus nos purifica de todo pecado. Nele temos redenção e perdão, segundo as riquezas de sua graça.
परंतु यदि हम ज्योति में चलें जैसे वह ज्योति में है, तो हमारी एक दूसरे के साथ सहभागिता है और उसके पुत्र यीशु का लहू हमें सब पापों से शुद्ध करता है।
उसी में हमें उसके लहू के द्वारा छुटकारा और अपराधों की क्षमा मिलती है। यह परमेश्वर के उस अनुग्रह के धन के अनुसार है
परंतु अब मसीह यीशु में तुम जो पहले दूर थे मसीह के लहू के द्वारा निकट लाए गए हो।
क्योंकि यहवाचा का मेरा वह लहू है जो बहुतों के पापों की क्षमा के लिए बहाया जाता है।
और यीशु मसीह की ओर से जो विश्वासयोग्य साक्षी, मृतकों में से जी उठनेवालों में पहलौठा और पृथ्वी के राजाओं का शासक है।
वह हमसे प्रेम रखता है, और उसने अपने लहू के द्वारा हमें हमारे पापों से छुड़ाया है,
उसी यीशु को परमेश्वर ने उसके लहू में, विश्वास के द्वारा प्रायश्चित्त के रूप में प्रस्तुत किया कि अपनी सहनशीलता के कारण उन पापों को जो पहले किए गए थे, अनदेखा करके अपनी धार्मिकता प्रकट करे।
इसलिए अब जबकि हम उसके लहू के द्वारा धर्मी ठहराए गए हैं, तो निश्चय ही उसके द्वारा परमेश्वर के क्रोध से भी बच जाएँगे।
O sangue da aliança
Desde o Êxodo, o sangue é sinal de aliança entre Deus e seu povo. O sangue do Cordeiro pascal prefigurava o sacrifício supremo de Cristo.
तब मूसा ने इस्राएल के सब धर्मवृद्धों को बुलाकर कहा, "तुम अपने-अपने घराने के अनुसार एक-एक मेमने को चुनकर अलग करो, और उसे फसह के मेमने के रूप में बलि करो। तब तुम जूफा का एक गुच्छा लेकर उसे तसले में रखे लहू में डुबाना, और उसी तसले में रखे लहू से द्वार के चौखट के ऊपरी सिरे और दोनों अलंगों पर कुछ लगाना। तुममें से कोई भी भोर तक घर के दरवाजे से बाहर न निकले। क्योंकि यहोवा मिस्रियों को मारने के लिए देश के बीच से होकर निकलेगा; और जब वह चौखट के ऊपरी सिरे, और दोनों अलंगों पर लहू को देखेगा, तो वह उस द्वार को छोड़ता हुआ निकल जाएगा, और तुम्हें मारने के लिए नाश करनेवाले को तुम्हारे घरों में जाने न देगा।
शरीर का प्राण लहू में होता है, इसलिए मैंने इसे वेदी पर चढ़ाने के लिए तुम्हें दिया है कि तुम्हारे प्राणों के लिए प्रायश्चित्त किया जाए; क्योंकि प्राण होने के कारण लहू ही प्रायश्चित्त करता है।
परंतु तुम मांस को उसके प्राण अर्थात् उसके लहू सहित न खाना। और निश्चय ही मैं तुम्हारे लहू अर्थात् तुम्हारे प्राण का लेखा लूँगा। मैं प्रत्येक पशु से मनुष्य के प्राण का लेखा लूँगा; मैं प्रत्येक मनुष्य और उसके भाई-बंधु से भी उसका लेखा लूँगा। जो कोई मनुष्य का लहू बहाएगा, उसका लहू भी मनुष्य द्वारा बहाया जाएगा, क्योंकि परमेश्वर ने मनुष्य को अपने स्वरूप में बनाया है।
Vitória pelo sangue
Os cristãos vencem o acusador pelo sangue do Cordeiro e pela palavra do seu testemunho. O sangue comprou para Deus gente de toda tribo e língua.
उन्होंने मेमने के लहू के द्वारा
और अपनी साक्षी के वचन के द्वारा उस पर जय प्राप्त की,
और अपने प्राणों को प्रिय नहीं जाना,
यहाँ तक कि मृत्यु भी सह ली।
क्योंकि तुम जानते हो कि तुम्हारा निकम्मा चाल-चलन जो तुम्हारे पूर्वजों से चला आ रहा है, उससे तुम्हारा छुटकारा चाँदी या सोने जैसी नाशवान वस्तुओं से नहीं, बल्कि निर्दोष और निष्कलंक मेमने अर्थात् मसीह के बहुमूल्य लहू के द्वारा हुआ है।
इसलिए अपना और अपने पूरे झुंड का ध्यान रखो, जिसका पवित्र आत्मा ने तुम्हें अध्यक्ष ठहराया है कि तुम परमेश्वर की उस कलीसिया की रखवाली करो, जिसे उसने अपने लहू से खरीदा है।
तब यीशु ने उनसे कहा,"मैं तुमसे सच-सच कहता हूँ, यदि तुम मनुष्य के पुत्र का मांस न खाओ और उसका लहू न पीओ तो तुममें जीवन नहीं है। जो मेरा मांस खाता और मेरा लहू पीता है, अनंत जीवन उसका है, और मैं उसे अंतिम दिन में जिला उठाऊँगा।
यह वही है जो जल और लहू के द्वारा आया, अर्थात् यीशु मसीह : वह केवल जल के द्वारा नहीं, बल्कि जल और लहू दोनों के द्वारा आया; और जो साक्षी देता है वह आत्मा है, क्योंकि वह आत्मा सत्य है।