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2 थिस्सलुनीकियों 1

अभिदन

1 , िलवऔर िओर िसलिों कलि, हमपरम्‍वर िऔर रभमसें : 2 हमपरम्‍वर िऔर रभमसओर ें अनरह और ांि िे।

परम्‍वर और महि

3 इयो, िषय ें हमें परम्‍वर सदधनयवकरनि, और यह उचिै, ोंि ि्‍बढ़ रहै, और एक सररति सब बढ़तरहै। 4 इसलिपरम्‍वर कलिें हम वयिषय ें गरकरतैं ि ितनसतऔर सहतो, उन सब ें रज और ि्‍रकट ै। 5 यह परम्‍वर सच्‍पष्‍रमि परम्‍वर ठहरओगे, िसकिुःउठरहो। 6 ि्‍चय परम्‍वर ियह यसगत ि ें ैं, उनें बदलें े, 7 और सहनों हमउस समय िजब रभअपनमरवरगदों वरधधकतआग ें रकट ा, 8 और उनें परम्‍वर नहीं नतऔर हमरभमससमनहीं नते। 9 रभउपसिि और उसकमरमहिकर अनिे। 10 यह उस िजब वह अपनपविों ें महििऔर सब ि्‍करनों ें आश्‍चररण िआएगा—ममें ोंि मनहमपर ि्‍िै। 11 इसरण हम सदिथनकरतैं ि हमपरम्‍वर ें अपनहट समझऔर भलहर एक इचऔर ि्‍हर एक मरकरे, 12 ि हमपरम्‍वर और रभमसअनरह अनहमरभमसममें महि, और उसमें।

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