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Sofrimento

Por Bíblia Online

O sofrimento é uma realidade da vida neste mundo, mas a Bíblia revela que Deus está presente em toda dor, produzindo caráter, esperança e redenção através das tribulações.

O sofrimento de Cristo

Jesus sofreu por nós, carregando nossas dores e enfermidades. Ele é o modelo supremo de como enfrentar o sofrimento com fé e obediência.

वह मनों तथा,

वह ुःा, ों परििा.

उसखकर अपनुंिैं

वह गया, और हमनउसकमहता.

उसनहमों सह िऔर उठि

उसनहमों अपनऊपर िा,

वयहमनउसपरमवर

और दशें पड़ा समझा.

वसपहने, उतरकर उनोंउनें एक चमकवसपहनिा. उनोंएक लतूंधकर उसकबनउनकिपर रख िऔर उनकें ें एक नरकएक छड़ी थमी. तब उनकमनटनककर यह कहतउनकमज़ाकरनलगे, "यहिों जय!"

इसिगए ोंि मसिुःसहऔर एक आदरगए ि उनकपद-चिों पर चलो.

ि ैं उनकसमनतें कर उनें, उनकनरमरतथउनक़ा सहभिूं,

O propósito do sofrimento

Deus usa as tribulações para produzir perseverança, caráter e esperança. O sofrimento presente não se compara com a glória que será revelada.

इतननहीं, हम अपनों ें आनिबनरहतैं. हम नतैं ि ें रज; रज ें खरचरितथखरचरिें आशउतपन्‍

हमिििमहि

िवह महिा, हममें िसकरकशन ा, हमवरतमकषों लननहीं!

हमयह ा, षण-भर कषहमिऐसअनऔर अतयधिमहिउतपन्‍कर रहै, िसकलननहीं कर सकत

िरकहममें मसुःों बहयत ै, उसरकबहमसहमरज.

िमसरण यह वरदिगयि वल उनमें िकरो, परउनकिुःो;

परमवर ि

इसलिि मसशरें ुःसहा, वयमनरण कर ो, ोंि ििशरें ुःसहै, उसनिै.

Consolação e companhia

Deus consola os aflitos para que possamos consolar outros. Nunca estamos sozinhos no sofrimento — Ele é o Pai das misericórdias.

रज परमवर

ि ैं परमवर हमरभमसिा—करमय ितथसब रकरज परमवर, हम़ाें रज रदकरतैं ि हम ़िों उसरकरज रदकर सकें, िरकपरमवर हमें रज रदकरतैं.

एक सरउठकरो. इसकमसयवसकरे.

यह भव ि धरपर अनक-अनिपतिां पड़ें,

िंहवउसउन सभबचैं;

जब ़े समय िुःख-भतब अनरह परमवर, िोंें मसें अपनअनमहिें आमििै, वयें ि, ि, मजबतथरतििकरेंे.

परयदि तव ें िकतरण कषसहतो, आशिो. "उनकधमकिों डरऔर घबर."

Fé em meio à dor

Os grandes homens e mulheres de fé sofreram e perseveraram. O sofrimento nos aproxima de Deus e nos leva a entender seu coração.

अययह उठे, और अपनवसे, अपनिुंडन ितथि पर डवत िा. उनकवचन े:

"गरैं आया,

और ैं चला.

हविा, हविा;

धनहव."

"ो, रसन्‍वह यकि िसकपरमवर ैं;

तब सरवशकिरहकरना.

वह, अपनवयउठअनसरण नहीं करता, नहीं.

वह, यह समझति उसनवन िै, वह उसतथवह, िसनिअपनवन िै, उसरकिएगा.

अधें पड़े धनवयकि अबा, िनकमना. उसनअबऔर उनसकहा, िअब, पर िऔर िि वह अपनगलिजल ें कर उससडक रदकरोंि ैं यहां इस आग ें पड़ा ूं.’

हव, परमवर ें नमबनिा, उनोंें रहनिऔर ें िमन्‍रदििएकदम नई वसी, िऔर वजों िी. इसकउदयह ि यह पहचि मनवन िजन पर नहीं, बलि हविकलहर एक शबपर िभर ै.

हमें मसअलग करा? , कट, सतहट, अक, ी, ितलवु?

यदि ैं अपनपति ों ें ांूं और अपनशरभसिबलिकर ूं िंयदि ैं रखूं ?

अब तक परमवर सहयत्‍रही, िसकपरिमसवरैं आप और े-बड़े सभमनउससचषणकर रहूं िसकवरणन और भवियदवकिि मसुःेंऔर मरें उठनें सबसपहलरण वह यहिों और र-यहिों ों ें ि षणकरेंे."

वनऔर हन

सभांि बनरखतथउस पविरतरहो, िसकिरभएगा.

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