Temor dos homens
O temor dos homens é uma armadilha que paralisa a fé. A Bíblia nos convida a trocar o medo humano pela confiança em Deus, que é nosso refúgio e escudo.
Não temas os homens
Deus é a nossa luz e salvação — de quem teremos medo? A Escritura nos encoraja a não temer aqueles que podem destruir o corpo, mas não a alma.
जो आंग खे मारी सकस हइ, पर आत्मा खे अरु मन खे मारी नी सकस, ओकासे मत डरनु. पर परमेश्वर से डर, जो आत्मा अरु आंग दोय खे नरक मे नास करी सकस हइ.
ओका से डरो
"पन मी तुम से जो मरा दोस्त हय बोल्यो जास हय. खे जो आंग खे मारी सकस हइ अरु ओकासे ज्यादा अरु कुछ नी करी सकस. उनका से मत डरे. मी तुमखे चेतावनी दिउस हय कि तुम कि कोय से नी डरनु चाह्ये. मारन का बाद जो खे नरक मे डालन को अधिकार हइ. ओका से डर. क्युकी मी तुम से बोलुस हइ ओका से डर.
Confiança em Deus acima do medo
Quando tememos a Deus, o medo dos homens perde o poder. O Senhor está conosco, e se Ele é por nós, quem será contra nós?
येका लिये हम नीडर हुइ खे बोलस हइ,
"प्रभु मरो मदतगार हइ,
मी नी डर्यु इन्सानहोन मरो का करी सकस हइ."
हे इन्सान का बच्चा तु उनका से मत डरनो, अरु नी उनका कठोर शब्द से घबरानु, चाहे तराह आस पास काटा, उटकटारे हुये अरु चाहे तोखे बिच्छुहोन का बिच रेहनु पड्ये. तु उनकी बातहोन से नी डरनु, अरु नी उनकी चरखी नजर से परेसान मत होनु; क्योंकी वे विद्रोही कुल का बच्चा हइ.