Temor dos homens
O temor dos homens é uma armadilha que paralisa a fé. A Bíblia nos convida a trocar o medo humano pela confiança em Deus, que é nosso refúgio e escudo.
Não temas os homens
Deus é a nossa luz e salvação — de quem teremos medo? A Escritura nos encoraja a não temer aqueles que podem destruir o corpo, mas não a alma.
यहोवा मेरा दृढ़ गढ़
यहोवा मेरी ज्योति और मेरा उद्धार है;
मैं किससे डरूँ?
यहोवा मेरे जीवन का दृढ़ गढ़ है;
मैं किससे भयभीत होऊँ?
जब कुकर्मियों ने जो मेरे विरोधी और मेरे शत्रु थे,
मुझे खा डालने के लिए मुझ पर चढ़ाई की,
तो वे ठोकर खाकर गिर पड़े।
चाहे सेना मेरे विरुद्ध छावनी डाले,
फिर भी मेरा हृदय भयभीत न होगा।
चाहे मेरे विरुद्ध युद्ध भी छिड़ जाए,
फिर भी मैं आश्वस्त रहूँगा।
उनसे मत डरो, जो शरीर को घात करते हैं पर आत्मा को घात नहीं कर सकते; बल्कि उससे डरो जो आत्मा और शरीर दोनों को नरक में नाश कर सकता है।
परमेश्वर से डरो
"अब मैं तुमसे जो मेरे मित्र हो कहता हूँ, उनसे मत डरो जो शरीर को घात करते हैं और उसके बाद कुछ और नहीं कर सकते। मैं तुम्हें बताऊँगा कि तुम्हें किससे डरना चाहिए; घात करने के बाद जिसके पास नरक में डालने का अधिकार है, उससे डरो; हाँ, मैं तुमसे कहता हूँ, उसी से डरो।
Confiança em Deus acima do medo
Quando tememos a Deus, o medo dos homens perde o poder. O Senhor está conosco, e se Ele é por nós, quem será contra nós?
जब मुझे डर लगेगा,
तो मैं अपना भरोसा तुझ पर रखूँगा।
मैंने उसी परमेश्वर पर भरोसा रखा है,
जिसके वचन की मैं प्रशंसा करता हूँ;
मैं न डरूँगा। मनुष्य मेरा क्या बिगाड़ सकता है?
यहोवा मेरी ओर है,
मैं न डरूँगा।
मनुष्य मेरा क्या कर सकता है?
इसलिए हम साहस के साथ कहते हैं :
प्रभु मेरा सहायक है,
मैं न डरूँगा;
मनुष्य मेरा क्या कर सकता है?