Verdade
A verdade é um dos atributos centrais de Deus e um pilar da vida cristã. Jesus se declarou o caminho, a verdade e a vida. Viver na verdade é viver em liberdade e integridade.
Deus é a fonte da verdade
O Senhor é fiel e verdadeiro em todas as suas palavras. Sua Palavra é a verdade absoluta que ilumina nosso caminho e nos sustenta.
मसीह येशु ने उत्तर दिया, "मैं ही हूं वह मार्ग, वह सच और वह जीवन, बिना मेरे द्वारा कोई भी पिता के पास नहीं आ सकता.
वचन ने शरीर धारण कर हमारे मध्य तंबू के समान वास किया और हमने उनकी महिमा को अपना लिया—ऐसी महिमा को, जो पिता के एकलौते पुत्र की होती है—अनुग्रह और सच्चाई से परिपूर्ण.
क्योंकि याहवेह का वचन सत्य और खरा है;
अपने हर एक कार्य में वह विश्वासयोग्य हैं.
"परमेश्वर का हर एक वचन प्रामाणिक एवं सत्य है;
वही उनके लिए ढाल समान हैं जो उनमें आश्रय लेते हैं.
हम इस सच से परिचित हैं कि परमेश्वर के पुत्र आए तथा हमें समझ दी कि हम उन्हें, जो सच हैं, जानें. हम उनमें स्थिर रहते हैं, जो सच हैं अर्थात् उनके पुत्र मसीह येशु. यही वास्तविक परमेश्वर और अनंत काल का जीवन हैं.
O Espírito da verdade
Jesus prometeu enviar o Espírito Santo, o Espírito da verdade, que nos guia, ensina e nos faz lembrar de tudo o que Cristo disse.
फिर भी सच यह है कि मेरा जाना तुम्हारे लिए लाभदायक है क्योंकि यदि मैं न जाऊं तो वह स्वर्गीय सहायक तुम्हारे पास नहीं आएंगे. यदि मैं जाऊं तो मैं उन्हें तुम्हारे पास भेजूंगा.
"जब सहायक—सच्चाई का आत्मा, जो पिता से हैं—आएंगे, जिन्हें मैं तुम्हारे लिए पिता के पास से भेजूंगा, वह मेरे विषय में गवाही देंगे.
तुम्हारी स्थिति में प्रभु के द्वारा किया गया वह अभिषेक का तुममें स्थिर होने के प्रभाव से यह ज़रूरी ही नहीं कि कोई तुम्हें शिक्षा दे. उनके द्वारा किया गया अभिषेक ही तुम्हें सभी विषयों की शिक्षा देता है. यह शिक्षा सच है, झूठ नहीं. ठीक जैसी शिक्षा तुम्हें दी गई है, तुम उसी के अनुसार मसीह में स्थिर बने रहो.
परमेश्वर आत्मा हैं इसलिये आवश्यक है कि उनके भक्त अपनी आत्मा और सच्चाई में उनकी आराधना करें."
A verdade liberta
Jesus prometeu que conhecer a verdade nos torna livres. A mentira aprisiona, mas a verdade de Deus nos conduz à plenitude.
तब मसीह येशु ने उन यहूदियों से, जिन्होंने उन्हें मान्यता दे दी थी, कहा, "यदि तुम मेरी शिक्षाओं का पालन करते रहोगे तो वास्तव में मेरे शिष्य होगे. तुम सत्य को जानोगे और सत्य तुम्हें स्वतंत्र करेगा."
मैंने सच्चाई के मार्ग को अपनाया है;
मैंने आपके नियमों को अपना आदर्श बनाया है.
अपने सत्य की ओर मेरी अगुवाई कीजिए और मुझे शिक्षा दीजिए,
क्योंकि आप मेरे छुड़ानेवाले परमेश्वर हैं,
दिन भर मैं आपकी ही प्रतीक्षा करता रहता हूं.
सत्य के वचन को ठीक रीति से काम में लाते हुए परमेश्वर के ऐसे ग्रहण योग्य सेवक बनने का पूरा प्रयास करो, जिसे लज्जित न होना पड़े.
उन्होंने अपनी इच्छा पूरी करने के लिए हमें सत्य के वचन के द्वारा नया जीवन दिया है कि हम उनके द्वारा बनाए गए प्राणियों में पहले फल के समान हों.
Vivendo e falando a verdade
Somos chamados a falar a verdade em amor e a rejeitar toda forma de engano. A integridade nas palavras é marca do cristão.
परंतु सच को प्रेमपूर्वक व्यक्त करते हुए हर एक पक्ष में हमारी उन्नति उनमें होती जाए, जो प्रधान हैं, अर्थात्, मसीह.
अंत में प्रिय भाई बहनो, जो सच है, जो निर्दोष है, जो धर्मी है, जो निर्मल है, जो सुंदर है, जो प्रशंसनीय है अर्थात् जो उत्तम और सराहनीय गुण हैं, उन्हीं पर तुम्हारा मन लगा रहे.
वही, जिसका आचरण निष्कलंक है,
जो धार्मिकता का आचरण करता है,
जो हृदय से सच बोलता है;
जिसकी जीभ से निंदा के शब्द नहीं निकलते,
जो न तो अपने पड़ोसी की बुराई करता है,
और न अपने किसी मित्र की,
वह अपनी जीभ को बुरा बोलने से
तथा अपने होंठों को झूठ से मुक्त रखे;
धर्मी में यह सहज बोध रहता है, कि उसका कौन सा उद्गार स्वीकार्य होगा,
किंतु दुष्ट के शब्द कुटिल विषय ही बोलते हैं.
कुटिल बातों से दूर रहना;
वैसे ही छल-प्रपंच के वार्तालाप में न बैठना.
प्रिय भाई बहनो, इन सबसे अधिक महत्वपूर्ण है कि तुम शपथ ही न खाओ, न तो स्वर्ग की और न ही पृथ्वी की और न ही कोई अन्य शपथ. इसके विपरीत तुम्हारी "हां" का मतलब हां हो तथा "न" का न, जिससे तुम दंड के भागी न बनो.
प्रिय भाई बहनो, हमारे प्रेम की अभिव्यक्ति वचन व मौखिक नहीं परंतु कामों और सच्चाई में हो.
यदि हम यह दावा करते हैं कि हमारी उनके साथ संगति है और फिर भी हम अंधकार में चलते हैं तो हम झूठे हैं और सच पर नहीं चलते.
मेरे लिए इससे बढ़कर और कोई आनंद नहीं कि मैं यह सुनूं कि मेरे बालकों का स्वभाव सच्चाई के अनुसार है.
और विश्वास उन तत्वों का निश्चय है, हमने जिनकी आशा की है, तथा उन तत्वों का प्रमाण है, जिन्हें हमने देखा नहीं है.