नई आज्ञा
7 हे प्यारे बिश्वासी भाईयो, मै थमनै कोए नया हुकम न्ही, पर वोए पुराणा हुकम लिखूँ सूं, जो शरु तै था, यो वाए हुकम सै, जिस ताहीं थमनै मसीह म्ह बिश्वास करते बखत सुण्या था। 8 फेर भी मै थमनै नया हुकम लिखूँ सूं, उस हुकम की सच्चाई मसीह म्ह थी, अर वाए थारे म्ह भी सै; क्यूँके अन्धकार मिटता जावै सै, अर सच का चान्दणा इब चमकण लाग्या सै।