बदल्या होया जीवन
1 इस करकै मसीह नै दुख ठाया जिब उसनै देह रूप धारण करया, थारा भी रविया उस्से तरियां दुख उठाण का होणा चाहिए, जिसा उसका था, क्यूँके जै थमनै मसीह खात्तर दुख ठाण की सोच ली सै, तो थमनै पाप ना करण की भी सोच ली सै, ताके आग्गै तै कदे थम पाप ना करो।