झुण्ड का चरवाहा
1 थारे म्ह जो कलीसिया के अगुवें सै, मै थारे ताहीं कुछ बताणा चाहूँ सूं, क्यूँके मै थारी तरियां बुजुर्ग सूं, मन्नै खुद वे दुख देक्खे सै, जो मसीह नै भोत पैहले सहे सै, जिब वो बोहड़ के आवैगा तो मै भी उसकी महिमा म्ह शामिल होऊँगा। 2 जिस तरियां एक पाळी भेड्या की रुखाळी करै सै, उस्से तरियां थमनै भी उन लोग्गां की रुखाळी करणी चाहिए, जिन ताहीं परमेसवर नै थारे ताहीं सौप्या सै, अर यो मजबूरी म्ह न्ही पर खुद की इच्छा तै राज्जी होकै करो, क्यूँके परमेसवर यो चाहवै सै के थम इसाए करो, पर इसा काम पईसा कै खात्तर न्ही पर परमेसवर अर माणसां की सेवा करण खात्तर करो। 3 उन माणसां पै हक ना जमाओ, जो थारे ताहीं सौंपे गये सै, पर उनकै खात्तर बढ़िया मिसाल बणो।