माट्टी के बासणां म्ह धन
7 हम माट्टी के बासणा की तरियां सां, जिस म्ह धन भरया सै, या घणी सामर्थ म्हारी न्ही, बल्के परमेसवर की सै। 8 हम चौगरदे तै क्ळेश तो भोग्गां सां, पर संकट म्ह न्ही पड़दे, म्हारै धोरै उपाय तो कोनी, पर निराश न्ही होन्दे। 9 सताए तो जावां सां, पर छोड्डे न्ही जान्दे; गिराए तो जावां सां, पर नाश न्ही होन्दे। 10 हम हर बखत मौत के खतरे म्ह रहवां सां, जिस तरियां यीशु म्हारे खात्तर मरया गया, ताके हम दुसरे माणसां नै म्हारे उन काम्मां के जरिये दिखा सका के यीशु म्हारे म्ह बसै सै। 11 क्यूँके हम जिन्दे जी सारी हाण यीशु कै कारण मौत खतरे म्ह रहवां सां, ताके मसीह यीशु का जीवन म्हारी मरण आळी देह म्ह जाहिर होवै।