13 अर मन्नै उस अजगर कै मुँह म्ह तै, अर उस पशु कै मुँह म्ह तै, अर उस झूठ्ठे नबी कै मुँह म्ह तै तीन भुंडी ओपरी आत्मायाँ ताहीं मेंढ़कां के रूप म्ह लिकड़दे देख्या। 14 ये चमत्कार दिखाण आळी भोत सी भुंडी ओपरी आत्मा सै, जो साब्ती दुनिया के राजयां के धोरै तै लिकड़कै ज्यांतै जावै सै, के उन ताहीं सर्वशक्तिमान परमेसवर के उस बड़े दिन की लड़ाई कै खात्तर कठ्ठे करै। 15 अर देक्खों, मेरा आणा एक चोर की ढाळ होगा जो चुपके तै आवै सै, धन्य वो सै, जो जागदा रहवै सै, अर अपणे लत्यां की चौकसी करै सै, के उघाड़ा कोनी हाँडै, अर माणस उसका उघाड़ापण ना देख पावै। 16 अर उन भुंडी ओपरी आत्मायाँ नै सारे राजा ताहीं उस जगहां कठ्ठा करया, जो इब्रानी म्ह हर-मगिदोन कुह्वावै सै।
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