2 उसनै जोर तै रुक्का मारकै कह्या, पड़ग्या, बड्ड़ा बेबीलोन नगर पड़ग्या सै, अर भुंडी ओपरी आत्मायाँ का घर, हरेक भुंडी आत्मा का बसेरा, एक अशुद्ध अर घृणित पंछी का बसेरा होग्या। 3 यो इस कारण होवैगा क्यूँके बेबीलोन नगर उस बिरबान्नी की तरियां सै, जिसकी जारी की डरावणी मदिरा कै कारण सारी जात पड़गी सै, अर धरती के राजयां नै उसकै गेल्या जारी करी सै, अर धरती के व्यापारी उसकै भोगविलास के धन कै कारण साहूकार होए सै। 4 फेर मन्नै सुर्ग तै किसे और का बोल सुण्या, के हे मेरे माणसों, उस म्ह तै लिकड़ आओ, के थम उसके पापां म्ह साझ्झी न्ही होओं, अर उसकी मुसीबतां म्ह तै कोए मुसीबत थारे पै ना आण पड़ै।
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