धोळे घोड़े का सवार
11 फेर मन्नै सुर्ग ताहीं खुल्या होड़ देख्या, अर के देक्खूँ सूं, के एक धोळा घोड़ा सै, अर उसपै एक सवार सै, जो बिश्वास जोग्गा, अर सच्चा कुह्वावै सै, अर वो धर्म कै साथ न्याय अर लड़ाई करै सै। 12 उसकी आँख आग की लपट की तरियां थी, अर उसके सिर पै भोत-से मुकुट थे, अर उसके माथ्थै पै एक नाम लिख्या था, जिस ताहीं उसनै छोड़ और कोए न्ही जाणै था। 13 अर उसनै लहू म्ह ड्बोया होड़ बाणा पैहरे राख्या था, अर उसका नाम परमेसवर का वचन था। 14 अर सुर्ग की पलटन धोळे घोड्या पै चढ़कै अर धोळा अर शुद्ध मलमल के लत्ते पैहरे होड़ उसकै पाच्छै-पाच्छै चाल्लण लागरी थी।