पैहली मुहर सफेद घोड़े पै सवार
1 फेर मन्नै देख्या, के मेम्ने नै उन सात्तु मोहरां म्ह तै एक ताहीं खोल्या, अर उन च्यांरु प्राणियाँ म्ह तै एक का गरजण जिसा शब्द सुण्या, के आ जाओ। 2 अर मन्नै निगांह करी, अर देक्खो, मन्नै एक धोळा घोड़ा दिख्या, अर उसका सवार धनुष लिए होड़ सै, अर उस ताहीं एक ताज पिहराया गया, अर वो सुर्ग तै चाल्या अर धरती पै लिकड़या, जो पैहले तै ए जीत चुका सै, अर फेर तै वो जीत जावैगा।
पाँचवी मुहर शहीद
9 अर जिब मेम्ने नै पाँचवी मोहर खोल्ली, तो मन्नै वेदी6:9 वेदी परमेसवर ताहीं भेंट चढ़ाण खात्तर एक जगहां कै तळै उनके प्राणां ताहीं देख्या, जो परमेसवर कै वचन कै कारण, अर उसपै बिश्वास करण के कारण मारे गये थे। 10 अर उसनै जोर तै रुक्का मारकै परमेसवर तै कह्या, हे माल्लिक, हे पवित्र, अर सच्चे प्रभु, तू इतणी बाट क्यूँ देखण लागरया सै, उन बुरे माणसां ताहीं दण्ड देण खात्तर, जो इस धरती पै रहण लागरे सै? हम तेरे तै बिनती करां सां, के तू उन माणसां तै बदला ले, जिननै म्हारे ताहीं जान तै मार दिया सै। 11 अर उन म्ह तै हरेक ताहीं धोळे लत्ते देकै, परमेसवर नै उनतै कह्या, के और थोड़ी देर ताहीं आराम करो, जिब ताहीं के थारे संगी दास, अर बिश्वासी भाई, जो थारी तरियां मरण आळे सै, उनकी भी गिणती पूरी ना हो लेवै।