41 आखर जिननै उसके वचन पै बिश्वास करकै बपतिस्मा लिया, अर उस्से दिन तीन हजार माणसां कै करीबन उन म्ह मिलगे।
42 जिननै पतरस के वचन पै बिश्वास करया, वे प्रेरितां तै शिक्षा लेन्दे, अर संगति राखदे, अर रोट्टी तोड़ण, अर प्रार्थना करण म्ह मग्न रहे।
43 अर सारे के यरुशलेम माणस डरगे, अर घणे अनोक्खे काम अर चमत्कार प्रेरितां कै जरिये जाहिर होवै थे। 44 अर सारे बिश्वास करणीये कठ्ठे रहवै थे, अर उनकी सारी चीज साझे म्ह थी। 45 वे अपणी-अपणी जायदाद अर सामान बेच-बेचकै जिसकी जरूरत होवै थी बांड दिया करै थे। 46 वे हरेक दिन एक मन होकै मन्दर म्ह कठ्ठे होवै थे, घर-घर रोट्टी तोड़दे होए खुशी अर मन की सिधाई तै खाणा खावै थे, 47 अर परमेसवर की जय-जयकार करै थे, अर सारे माणस उनतै राज्जी थे जो उद्धार पावैं थे, उन ताहीं प्रभु हरेक दिन उन म्ह मिला देवै था।