हर बात का अपणा बखत
1 हर एक बात का एक मौक्का अर हरेक काम का, जो आसमान कै नीच्चै होवै सै, एक बखत सै।
11 उसनै सारा किमे इसा बणाया के अपणे-अपणे बखत पै वे सुन्दर होवै सै; फेर उस नै माणसां के मन म्ह सारे तै पैहला अर सदा काल तक का ज्ञान पैदा करया सै, फेर भी जो काम परमेसवर नै करया सै, वो शरु तै आखिर तक माणस समझ न्ही सकदा। 14 मै जाणु सूं के जो किमे परमेसवर करै सै वो सदा टिक्या रहवैगा; ना तो उस म्ह किमे बढ़ाया जा सकै सै अर ना किमे घटाया जा सकै सै; परमेसवर इसा इस करकै करै सै के लोग उसका भय मान्नै।