21 फेर मन्नै ओड़ै यानिके अहवा नदी के किनारे पै उपवास का प्रचार इस उम्मीद तै करया, के हम परमेसवर कै स्याम्ही दीन हों; अर उसतै अपणे अर अपणे बाल-बच्यां अर अपणी सारी सम्पत्ति खात्तर आसान सफर माँग्गै। 22 क्यूँके मै राह के दुश्मनां तै बचण खात्तर सिपाहियाँ का दल अर सवार राजा तै माँगण तै सरमाऊँ था, क्यूँके हम राजा तै न्यू कह चुके थे, "म्हारा परमेसवर अपणे सारे खोजियाँ पै, भलाई कै खात्तर कृपादृष्टि राक्खै सै अर जो उसनै त्याग दे सैं, उसका बल अर कोप उनकै खिलाफ सै।" 23 इसे कै बारै म्ह हमनै उपवास करकै अपणे परमेसवर तै प्रार्थना करी, अर उसनै म्हारी सुणी। 31 नीसान नाम के पैहले महिन्ने के बारहवें दिन म्ह हमनै अहवा नदी तै चालकै यरुशलेम का राह लिया, अर म्हारे परमेसवर की कृपादृष्टि म्हारे पै रही; अर उसनै म्हारे ताहीं दुश्मनां अर राह म्ह घात लगाण आळयां कै हाथ तै बचाया।
Publicidade