11 क्यूँके मेरे धोरै वो कोनी जो मन्नै चाहिए, पर मन्नै यो सिख्या सै के मै जिन हालातां म्ह मै सूं, उस्से म्ह सब्र करुँ। 12 मन्नै कंगाली अर भरपूरी म्ह रहणा सीख लिया सै, हरेक हालातां अर हरेक बात म्ह मन्नै तृप्त अर भूक्खा रहणा, बढ़णा अर घटणा सीख लिया सै। 13 मसीह मन्नै सामर्थ देवै सै उस म्ह मै सब कुछ कर सकूँ सूं।