4 फेर यहोवा नै समुन्दर म्ह एक घणी तेज आँधी चलाई, अर समुन्दर म्ह बड़ी आँधी उठी, उरै ताहीं के जहाज टूटण आळा था। 5 फेर मल्लाह माणस डरकै अपणे-अपणे देवता की दुहाई देण लाग्गे; अर1:5 अर फेर मल्लाह माणस डरकै अपणे-अपणे देवता की दुहाई देण लाग्गे; उननै वो सब कुछ करया जो वो कर सकैं थे। वे सच नै न्ही जाणै थे लेकिन वे इन्तजाम नै तो जाणै थे अर धार्मिक मूल म्ह भी उननै एक श्रद्धा के पात्र का बोध था। जहाज म्ह जो व्यापार का सामान था उसनै समुन्दर म्ह फैंकण लाग्गे के जहाज हळका हो जावै। पर योना जहाज के निचले हिस्से म्ह उतरकै ओड़ै लौटकै सो ग्या, अर गहरी नींद म्ह पड़या होया था।
7 फेर मल्लाहां नै आप्पस म्ह कह्या, "आओ, हम चिट्ठी गेरकै जाण ल्यां के या विपत्ति म्हारे पै किसकै कारण पड़ी सै।" फेर उननै चिट्ठी गेरी, अर चिट्ठी योना के नाम पै लिकड़ी। 9 उसनै जवाब दिया, "मै इब्री हूँ; अर सुर्ग का परमेसवर यहोवा जिसनै पाणी स्थल दोनुआ ताहीं बणाया सै, उसे का भय मान्नु सूं।"
12 उसनै उनतै कह्या, "मेरे ताहीं ठाकै समुन्दर म्ह फेंक द्यो; फेर समुन्दर शान्त हो जावैगा; क्यूँके मै जाणु सूं, के या बड़ी आँधी थारे उप्पर मेरै ए कारण आई सै।" 15 फेर उननै योना ताहीं ठाकै समुन्दर म्ह फेंक दिया; अर समुन्दर की भयानक लहर थमगी। 16 फेर उन मल्लाहां नै यहोवा का घणाए भय मान्या, अर उस ताहीं भेंट चढ़ाई1:16 उस ताहीं भेंट चढ़ाई बेसक वो एक बड़ा जहाज था जो लाम्बे सफर पै था उनके धोरै जिन्दा प्राणी भी थे जिनकी वे बलि दे सकैं थे। लेकिन उनका काम उरैए खतम न्ही होया, उननै मन्नत भी मान्नी। अर मन्नत मान्नी।