24 मै थारैतै साच्ची-साच कहूँ सूं, जो मेरा वचन सुणकै उसपै बिश्वास करै सै, जिसनै मेरै ताहीं भेज्या सै, वो अनन्त जीवन पावै सै, अर उसपै दण्ड का हुकम कोनी होन्दा, पर वो मौत नै पार करकै जीवन म्ह दाखल हो लिया सै। 25 "मै थारैतै साच्ची-साच कहूँ सूं, वो बखत आवै सै, अर इब सै, जिस म्ह मरे होड़ परमेसवर के बेट्टे का वचन सुणैगें, अर जो सुणैगें वे जिवैंगे।
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