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लूका 5

रथम ्‍

1 िगन्‍सरत 5:1 गलील समुन्दर िखडा, परमसवर वचन णण तर उस ीं खड़ी ी, इस2 उसनििी, अर मछआरउनपउतरकमचिाँ े। 3 उन ििाँ एक ै, शमी, चढउसतिनतकरि़ा ि्‍ै। िठकणसां उपदगगा।

4 िणसां कर ी, शमा, "ुं, अर मचपकडतर अपण"

5 शमउसतजविा, "ु, हमनहनत करअर िा, रभकहण ूँा।"

6 िपतरस अर उसकिाँ इसकरया, घणमच, अर उनकटण े। 7 इस करकउननसरिअपणिाँ ीं इशकरकमदद तर ा, अर उननआक्‍िउरीं भर बण ी।

8 खकशमपतरस ां पडा, अर ा, "रभु, ा, ूँणस ूं!" 9 ूँइतणमचिाँ पकड़े उसनअर उसकिाँ घणअचमा, 10 अर उसतरिां जबअर हन्‍ी, शमसरे, अचमा। शमकहा, "मतनडरो, इब थमनणसां ीं कठकरण आळबण्‍ें बणे।" 11 अर ििाँ ििअर िसब उसक्‍ें बणण तर उसकिे।।

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