प्रभु नै ना लुट्टो
8 मै3:8 मै दशमांश लोग्गां की कमाई का चाहे खेत्ती तै हो या फेर पशुआं तै होई हो. दशमांश यहोवा तै हर साल देणा जरूरी होवै सै लैव्य. 27:30-33; गिन. 18:21-24; व्यव. 14:22-29; 26:12-15 तेरे तै न्यू पूछूँ सूं के माणस परमेसवर नै धोखा दे सकै सै? देक्खो, थम मेरे ताहीं धोखा देओ सो, अर फेर भी पूच्छो सो "हमनै किस बात म्ह तेरे ताहीं लूट्या सै?" दशमांश अर ठाणे की भेंटा म्ह। 10 सारे दशमांश भण्डार म्ह ले आओ के मेरे भवन म्ह भोजन की चीज रहवै; अर सेनाओं का यहोवा न्यू कहवै सै, के इसा करकै मेरे ताहीं परखो के मै अकास के झरोखे थारे खात्तर खोलकै थारे उप्पर अपरम्पार आशीष की बारिस करुँ सूं के न्ही।