10 ओड़ै एक माणस था, जिसका हाथ सूखरया था। फरीसी लोग्गां नै यीशु पै दोष लाण खात्तर उसतै बुझ्झया, "मूसा के नियम-कायदा कै मुताबिक आराम कै दिन ठीक करणा सही सै?"
11 यीशु नै उनतै कह्या, "थारे म्ह तै इसा कौण सै जिसकी एक ए भेड़ हो, अर वा आराम कै दिन खडहे म्ह पड़ जावै, तो वो उस ताहीं पकड़कै न्ही काड्डै? 12 फेर माणस तो भेड़ तै भोत घणे खास सै! ज्यांतै आराम कै दिन भलाई करणा ठीक सै, जिसा के माणसां नै चंगा करणा।"
13 फेर यीशु नै उस माणस तै कह्या, "अपणा हाथ बढ़ा।" उसनै बढ़ाया, अर वो दुसरे हाथ की तरियां ठीक होग्या।