1 आमोन के बेट्टे यहूदा राज्य के राजा योशिय्याह के दिनां म्ह, सपन्याह कै धोरै जो हिजकिय्याह के बेट्टे अमर्याह का पड़पोत्ता अर गदल्याह का पोत्ता अर कूशी का बेट्टा था, यहोवा का यो वचन पोहच्या
2 "मै धरती कै उप्पर तै सब का अन्त कर दियुँगा," यहोवा की याए वाणी सै। 3 "मै माणस अर पशु दोनुआं का अन्त कर दियुँगा; मै अकास के पन्छियाँ अर समुन्दर की मछलियाँ का, अर दुष्टां समेत उनकी धरी होई ठोकरां के कारण का भी अन्त कर दियुँगा; मै माणस जात नै भी धरती पै तै नाश कर दियुँगा," यहोवा की याए वाणी सै। 4 "मै यहूदा पै अर यरुशलेम शहर के सारे रहण आळयां पै सजा देण खात्तर हाथ ठाऊँगा, अर इस जगहां म्ह बाल के बचे होया नै अर याजकां समेत देवत्यां के पुजारियाँ के नाम नै नाश कर दियुँगा। 5 जो माणस अपणे-अपणे घर की छात पै अकास के सूरज, चाँद अर तारयां नै दण्डवत करै सैं, अर जो माणस दण्डवत करैं अर यहोवा की कसम खावै सैं अर मिल्कोम की भी कसम खावै सैं; 6 अर जो यहोवा कै पाच्छै चाल्लण तै बोहड़गे सैं, अर जिननै ना तो यहोवा ताहीं ढूँढ्या, अर ना उसकी खोज म्ह लाग्गे, उननै भी मै सत्यानाश कर दियुँगा।"
7 परमेसवर यहोवा कै स्याम्ही शान्त रहो! क्यूँके यहोवा के न्याय का दिन धोरै सै; यहोवा नै यज्ञ सिध्द करया सै, अर अपणे पाहुनां ताहीं पवित्र करया सै। 8 अर यहोवा के यज्ञ के दिन, "मै हाकिमां अर राजकुमारां नै अर जितने परदेस के कपड़े पैहरया करै सैं, उननै भी सजा देऊँगा। 9 उस दिन मै उन सारया नै सजा देऊँगा जो देहळी नै लाँघदे, अर अपणे माल्लिक के घर नै उड़दंग अर छळ तै भर देवै सैं।"
10 यहोवा की या वाणी सै, "उस दिन मछली फाटक कै धोरै चिल्लाहट का अर नये टोले मिश्नाह म्ह हाहाकार का अर टील्यां पै बड़े धमाक्के का शब्द होवैगा। 11 हे मक्तेश के रहण आळेयो, हाय, हाय, करो! क्यूँके सारे कनान के व्यापारी मिटगे; जितने चाँदी तै लदे थे, उन सब का नाश होग्या सै। 12 उस बखत मै दीवा लिए होए यरुशलेम म्ह ढूँढ़-ढाँढ़ करुँगा, अर जो माणस दाखमधु की तळी म्ह अर मैल की तरियां तळी म्ह बैठ्ठे होए मन म्ह कहवै सैं के यहोवा ना तो भला करैगा अर ना बुरा, उननै मै सजा देऊँगा। 13 फेर उनकी जायदाद लूट्टी जावैगी, अर उनके घर उजाड़ होवैंगें; वे घर तो बणावैगें, पर उन म्ह रहण न्ही पावैंगें; अर वे दाख के बाग लगावैंगे, पर उनतै दाखमधु न्ही पीण पावैंगें।"
14 यहोवा के न्याय का भयानक दिन धोरै सै, वो घणी रफतार तै धोरै चल्या आवै सै; यहोवा के दिन का शब्द सुणाई पड़ै सै, ओड़ै ताकतवर सिपाही दुःख के मारे चिल्लावै सै। 15 वो बदले का दिन होवैगा, वो संकट अर सकेती का दिन वो उजाड़ अर विनाश का दिन, वो अंधेर अर घोर अन्धकार का दिन वो बादळ अर काळी घटा का दिन होवैगा। 16 वो गढ़आळे नगरां अर ऊँच्चे गुम्मटां कै बिरुध्द नरसिंगा फूँकण अर ललकारण का दिन होवैगा। 17 मै माणसां नै संकट म्ह डालूँगा, अर वे आन्धयां की तरियां चाल्लैगें, क्यूँके उननै यहोवा कै खिलाफ पाप करया सै; उनका लहू धूळ की तरियां, अर उनका माँस मल की तरियां फेंक दिया जावैगा। 18 यहोवा के बदला लेण कै दिन म्ह, ना तो चाँदी तै उनका बचाव होगा, अर ना सोन्ने तै; क्यूँके उसके जळण की आग तै सारी पृथ्वी भस्म हो जावैगी; वो धरती के सारे रहण आळयां नै घबराकै उनका अन्त कर देगा।