फरीसियाँ अर सदूकियाँ का खमीर
5 चेल्लें समुन्दर कै परली ओड़ पोहचे, पर वे रोट्टी लेणा भूलगे थे। 6 यीशु नै उनकी कपट रूपी शिक्षा के बारें म्ह उनतै कह्या, "देक्खो, फरीसियाँ अर सदूकियाँ कै खमीर तै चौकन्ने रहियो।"
7 वे आप्पस म्ह विचार करण लाग्गे, "हम रोट्टी कोनी ल्याए ज्यांतै वो इस तरियां कहवै सै।"
8 न्यू जाणकै यीशु नै उनतै कह्या, "हे अल्पबिश्वासियों, थम क्यांतै विचार करो सो के म्हारै धोरै रोट्टी कोनी सै? 9 के थम इब ताहीं न्ही समझे? के थमनै उन पाँच हजार की पाँच रोट्टी याद कोनी, अर ना यो के थमनै कितनी टोकरियाँ ठाई थी? 10 अर उन चार हजार की सात रोट्टी, अर ना यो के थमनै कितणे टोकरे ठाए थे? 11 थम क्यांतै न्ही समझदे के मन्नै थारे तै रोटियाँ कै बाबत न्ही कह्या, पर यो के फरीसियाँ अर सदूकियाँ के खमीर तै चौकन्ने रहियो।" 12 फेर उनकै समझ म्ह आया के उसनै रोट्टी कै खमीर तै न्ही, पर फरीसियाँ अर सदूकियाँ की शिक्षा तै चौकन्ने रहण नै कह्या था।