15 अर माणस दीवा जळाकै बरतन कै तळै न्ही पर दीवट पै धरै सै, फेर उसतै घर के सारे माणसां ताहीं चान्दणा ज्या सै। 16 उस्से तरियां थारा चान्दणा माणसां के स्याम्ही चमकै के वे थारे भले काम्मां नै देखकै थारे पिता की, जो सुर्ग म्ह सै बड़ाई करै।"
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