Pular para o conteúdo
Publicidade

श्रेष्ठगीत 3

्‍आळ

1 बखत अपणपलअपणणपिरही;

उस ीं

रही, पर उस ीं ा,

2 "मन्‍कहा, इब खड़ी नगर ,

अर सडां अर ां मकणपिी।"

उस ीं रही, पर उस ीं ा।

3 पहरनगर े, मन्‍िे,

मन्‍उनता, "थमनणपिीं ै?"

4 मन्‍उनकआगबढ़े ़ी-ी,

णपिमन्‍िलगा।

मन्‍उस ीं पकडिा, अर उस ीं ि

ितक उस ीं अपणाँ घर अपणमण आळठड़ी आई

5 यरशलिों, ििाँ

अर िरणाँ कसम, कहूँ ूं,

ितक आप ै,

तब तक उस ीं उकसअर जग

सर

हन

6 खमतरिां,

गनधरस अर शब,

अर लग

गल िकडआवै?

7 ो, लकै!

उसकांओडइसएल रवां ै।

8 तलवांगण आळअर ििै।

हरणस हमलडर ाँतलवलटकरहवै।

9 अपणतर लबएक बड़ी लकबणवी।

10 उसनउसकखमाँे,

उसकिरह्‍ा, अर गदैंगणबणवै,

अर उसकितरलिीं

यरशलिाँ ओडबड़े

जडगयै।

11 ििरबिों िकडिांकरो,

ो, हर

िीं उसकाँ उसक

िअर उसकमन आननि, उसकिधरया।

Estes versículos te tocaram? Ore agora!

+581 estão orando agora.

Junte-se à corrente de oração.

Veja também