अपणे भाई पै दोष मतना लाओ
1 जो माणस बिश्वास म्ह कमजोर सै, उस ताहीं अपणी संगति म्ह ले ल्यो, पर उस ताहीं के करणा चाहिए के न्ही करणा चाहिए इस बारें म्ह बहस ना करो। 2 एक नै बिश्वास सै, के सारा कुछ खाणा सही सै, पर जो बिश्वास म्ह कमजोर सै वो साग-पात ए खावै सै। 3 अर माँस-मच्छी खाण आळे साग-पात खाण आळे ताहीं तुच्छ ना जाणै, अर ना साग-पात खाणआळा, माँस-मच्छी खाणआळे पै दोष लावै, क्यूँके परमेसवर नै दोंनुआ ताहीं अपणाया सै। 4 तू कौण सै जो दुसरे कै नौक्कर पै दोष लावै सै? पर उसकी कामयाबी या नाकामयाबी उसकै माल्लिक कै ए हाथ्थां म्ह सै, बल्के वो कामयाब ए कर दिया जावैगा, क्यूँके प्रभु उस ताहीं कामयाब कर सकै सै।