16 तो परमेसवर के वरदान का नतिज्जा आदम के पाप तै भोत अलग सै। उसका पाप दण्ड लेकै आवै सै, पर परमेसवर का वरदान म्हारे ताहीं धर्मी बणावै सै, भलाए हम कई पापां के दोषी क्यूँ ना हो। 17 क्यूँके एक माणस के अपराध कै कारण सब नै मौत आई। पर इसतै ज्यादा परमेसवर का अनुग्रह अर धार्मिकता का वरदान सै, जो उस ताहीं पावै सै, वो पाप अर मौत पै यीशु मसीह कै जरिये जयवन्त होवै सै, अर वे उसकै गैल अनन्त जीवन म्ह राज करैगें।